बेंगलुरु, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) में करोड़ों रुपये के कथित भर्ती घोटाले की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि पशु चिकित्सा अधिकारी के पदों पर चयन के लिए कथित तौर पर रिश्वत देने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा से एक दिन पहले बेंगलुरु के बाहरी इलाकों में स्थित रिजॉर्ट और एयरबीएनबी विला में ले जाया गया। वहां उन्हें लीक हुआ प्रश्नपत्र देकर सही उत्तर याद करने के लिए कहा गया।
ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि केपीएससी के कुछ सदस्यों और अधिकारियों ने कथित तौर पर 1:3 मेरिट सूची से जुड़ी गोपनीय जानकारी का दुरुपयोग किया। इसके जरिए ऐसे उम्मीदवारों की पहचान की गई, जिनके अंतिम चयन की संभावना अधिक थी और उनसे कथित तौर पर रिश्वत की मांग की गई।
ईडी के बेंगलुरु कार्यालय ने गुरुवार को 400 पशु चिकित्सा अधिकारी पदों के लिए आयोजित भर्ती परीक्षा से जुड़े कथित कैश-फॉर-सेलेक्शन रैकेट और अपराध से अर्जित धन की जांच का ब्योरा जारी किया।
एजेंसी ने बताया कि मामले की जांच के दौरान निलंबित केपीएससी अध्यक्ष शिवशंकरप्पा साहूकार और केपीएससी सदस्य बी.वी. गीता को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई विधान सौधा पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई जांच के बाद हुई।
ईडी के अनुसार, दोनों को 7 अक्टूबर को पीएमएलए मामलों की विशेष अदालत (सीसीएच-4) में पेश किया गया, जहां अदालत ने आगे की जांच के लिए दोनों को 14 दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया।
जांच एजेंसी के मुताबिक, परीक्षा से एक दिन पहले 10 सफल उम्मीदवारों को बेंगलुरु के बाहरी इलाके में स्थित एक रिजॉर्ट या एयरबीएनबी विला में ले जाया गया था। वहां उन्हें कथित तौर पर 80 प्रश्नों के सही विकल्पों वाला प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया और उन्हें उत्तरों का अभ्यास कर उन्हें याद करने के लिए कहा गया।
ईडी ने दावा किया कि सही उत्तरों वाला प्रश्नपत्र तत्कालीन केपीएससी परीक्षा नियंत्रक और आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार ने अपने करीबी सहयोगी भाजपा नेता बसवराज कन्नाले के माध्यम से कथित तौर पर लीक किया था। एजेंसी के मुताबिक, यही लीक सामग्री 10 उम्मीदवारों को उपलब्ध कराई गई।
जांच में यह भी सामने आया कि कन्नाले ने पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा में अंतिम चयन कराने के कथित आश्वासन के बदले प्रत्येक उम्मीदवार से 40 लाख से 50 लाख रुपये तक की रिश्वत ली।
ईडी ने बताया कि जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार और बसवराज कन्नाले को क्रमश: 18 और 17 सितंबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद विशेष अदालत ने दोनों को 14 दिन की ईडी हिरासत में भेजा था।
ईडी की हिरासत पूरी होने के बाद गंगवार को बेंगलुरु की पीएमएलए मामलों की विशेष अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया। एजेंसी के अनुसार, पूछताछ के दौरान उन्होंने केपीएससी की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के आयोजन में कथित अनियमितताओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी।
ईडी ने कहा कि केपीएससी के एक अधिकारी से जब्त सामग्री और गंगवार से की गई पूछताछ के आधार पर जांच में पता चला कि आयोग के कुछ सदस्य और अधिकारी कथित तौर पर 1:3 मेरिट सूची से संबंधित गोपनीय जानकारी का इस्तेमाल उम्मीदवारों को रिश्वत देने के लिए तैयार करने में कर रहे थे।
एजेंसी के मुताबिक, केपीएससी आमतौर पर 1:3 पात्रता सूची जारी करते समय व्यक्तिगत उम्मीदवारों के अंक सार्वजनिक नहीं करता। हालांकि, कुछ सदस्यों और अधिकारियों ने कथित तौर पर परीक्षा नियंत्रक कार्यालय से उम्मीदवारों की गोपनीय मेरिट स्थिति हासिल कर ली और उनके अंतिम चयन की संभावनाओं का विश्लेषण किया।
ईडी के अनुसार, इस गोपनीय जानकारी का कथित तौर पर दुरुपयोग कर उम्मीदवारों से संपर्क किया गया और अवैध रकम के बदले चयन का आश्वासन दिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि पद की प्रकृति और स्तर के आधार पर उम्मीदवारों से कथित तौर पर 10 लाख से 50 लाख रुपये तक की रिश्वत मांगी जाती थी।
एजेंसी ने कहा कि केपीएससी के भीतर उपलब्ध गोपनीय मेरिट संबंधी जानकारी का कथित दुरुपयोग कर अवैध रकम वसूली गई, जिससे अपराध से अर्जित आय तैयार हुई।
इससे पहले ईडी की तलाशी और जब्ती की कार्रवाई में एक सफल उम्मीदवार के पास से 80 लाख रुपये के ब्लैंक हस्ताक्षरित चेक और हस्ताक्षरित खाली प्रोमिसरी नोट बरामद किए गए थे। ईडी ने कहा कि भर्ती में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक, रिश्वतखोरी और अपराध से अर्जित धन से जुड़े मामले की जांच जारी है।
–आईएएनएस
डीएससी
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



