मुंबई, 23 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के संबंध में रिपोर्ट तैयार करने के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने को मंजूरी दे दी है।
राज्य के गृह राज्यमंत्री योगेश कदम ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य में यूसीसी लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ”महाराष्ट्र सरकार समान नागरिक संहिता लागू करने के पक्ष में है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति बनाने को मंजूरी दे दी है। समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद यूसीसी लागू किया जाएगा।”
योगेश कदम विधानसभा में भाजपा विधायक देवयानी फरांदे द्वारा नासिक जिले में ट्रिपल तलाक के मामलों को लेकर उठाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे। इससे पहले फरांदे ने दावा किया कि केंद्र सरकार द्वारा ट्रिपल तलाक पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद ऐसे मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें तीन मुस्लिम महिलाओं की शिकायतें मिली हैं, जिनमें उनके पतियों द्वारा धमकी, हिंसा और ट्रिपल तलाक देने के आरोप लगाए गए हैं।
फरांदे ने कहा, ”अब पाकिस्तान में भी बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाया गया है।” उन्होंने पूछा कि इस्लाम में मान्य बहुविवाह के मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार का क्या रुख है और क्या उत्तराखंड तथा गुजरात की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी यूसीसी लागू किया जाएगा।
उन्होंने यह भी पूछा, ”असम ने बहुविवाह पर प्रतिबंध लगा दिया है। क्या महाराष्ट्र भी ऐसा करेगा?”
इस पर जवाब देते हुए योगेश कदम ने कहा कि जब यूसीसी लागू होगा, तब उसमें बहुविवाह पर प्रतिबंध का प्रावधान भी शामिल होगा। उन्होंने कहा, ”सरकार किसी धर्म या व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। यूसीसी लागू होने पर यह सभी लोगों पर समान रूप से लागू होगा, चाहे उनका धर्म कोई भी हो।”
चर्चा के दौरान सत्तारूढ़ एनसीपी विधायक सना मलिक ने फरांदे के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या केवल मुस्लिम महिलाएं ही हिंसा का शिकार होती हैं और क्या बहुविवाह सिर्फ इस्लाम में ही मौजूद है?
उन्होंने कहा, ”मैं यह स्पष्ट करना चाहती हूं कि केवल तत्काल तीन तलाक (इंस्टेंट तलाक) पर प्रतिबंध लगाया गया है। पूरे ट्रिपल तलाक पर नहीं।”
सना मलिक के इस बयान के बाद विपक्षी सदस्य उनके समर्थन में आ गए, जबकि भाजपा विधायकों ने कहा कि राज्य संविधान के अनुसार चलेगा, किसी धार्मिक ग्रंथ के अनुसार नहीं।
इस दौरान विधानसभा में कुछ मिनटों तक हंगामा हुआ और दोनों पक्षों के सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई।
योगेश कदम ने सदन को बताया कि वर्ष 2024 में ट्रिपल तलाक के 42 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 152 लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं 2025 में 39 मामले दर्ज हुए, जिनमें 95 गिरफ्तारियां हुईं।
उन्होंने कहा, ”यह दर्शाता है कि यह प्रथा अब भी मौजूद है और इससे कानून के जरिए सख्ती से निपटने की जरूरत है।” मंत्री ने आरोपियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया। उन्होंने दोहराया कि सरकार किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि सभी धर्मों की महिलाओं की सहायता और सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहती है।
–आईएएनएस
एएमटी/वीसी
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