कावेरी विवाद पर तमिलनाडु कांग्रेस सख्त, मेकेदातु बांध के खिलाफ पारित किया प्रस्ताव

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चेन्नई, 2 जुलाई (आईएएनएस)। कावेरी नदी पर कर्नाटक द्वारा प्रस्तावित मेकेदातु बांध का कड़ा विरोध करते हुए तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को यह तय किया कि वह इस परियोजना के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेगी। पार्टी ने इसे तमिलनाडु के किसानों के अधिकारों के लिए खतरा और न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन बताया। यह प्रस्ताव चेन्नई के सत्यमूर्ति भवन में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों की बैठक में पारित तीन प्रमुख प्रस्तावों में से एक था। बैठक की अध्यक्षता तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के नव-नियुक्त अध्यक्ष और सांसद मणिक्कम टैगोर ने की और इसका नेतृत्व तमिलनाडु पर्यटन मंत्री और कांग्रेस…

चेन्नई, 2 जुलाई (आईएएनएस)। कावेरी नदी पर कर्नाटक द्वारा प्रस्तावित मेकेदातु बांध का कड़ा विरोध करते हुए तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को यह तय किया कि वह इस परियोजना के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेगी। पार्टी ने इसे तमिलनाडु के किसानों के अधिकारों के लिए खतरा और न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन बताया।

यह प्रस्ताव चेन्नई के सत्यमूर्ति भवन में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों की बैठक में पारित तीन प्रमुख प्रस्तावों में से एक था। बैठक की अध्यक्षता तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के नव-नियुक्त अध्यक्ष और सांसद मणिक्कम टैगोर ने की और इसका नेतृत्व तमिलनाडु पर्यटन मंत्री और कांग्रेस विधायक दल के नेता एस. राजेश कुमार ने किया।

तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी ने कहा कि प्रस्तावित मेकेदातु बांध कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण के अंतिम फैसले और सुप्रीम कोर्ट के 2018 के निर्णय के खिलाफ है।

मणिक्कम टैगोर के हालिया बयान का समर्थन करते हुए पार्टी ने कहा कि तमिलनाडु की सहमति के बिना इस परियोजना पर एक भी ईंट नहीं रखी जाएगी।

पार्टी ने यह भी दोहराया कि वह कावेरी डेल्टा के किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और कर्नाटक के बांध निर्माण प्रयासों का विरोध जारी रखेगी। एक अन्य प्रस्ताव में मणिक्कम टैगोर को तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाए जाने पर बधाई दी गई।

बैठक में कहा गया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के निर्देश पर एआईसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा यह नियुक्ति घोषित की गई थी।

प्रस्ताव में कहा गया कि कांग्रेस 1967 में तमिलनाडु में सत्ता खोने के बाद से अब तक गठबंधन सरकारों का हिस्सा रही है, लेकिन अब तक सरकार में भागीदारी नहीं की थी। अब मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार में कांग्रेस के दो मंत्री हैं, जिससे पार्टी ने लगभग छह दशकों बाद एक नए युग में प्रवेश किया है।

बैठक में विश्वास जताया गया कि टैगोर संगठन को मजबूत करेंगे। कांग्रेस का वोट आधार बढ़ाएंगे और 2029 के लोकसभा चुनाव में तमिलनाडु और पुडुचेरी की सभी 40 सीटें जीतने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेंगे।

जिला कांग्रेस नेताओं ने भी पूर्ण सहयोग देने का वादा किया। तीसरे प्रस्ताव में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके गठबंधन सरकार के प्रदर्शन की सराहना की गई और कहा गया कि उसने सिर्फ दो महीनों में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।

तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी ने कहा कि मुख्यमंत्री विजय ने कांग्रेस, वीसीके, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और वाम दलों के समर्थन से एक धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाई है, बजाय इसके कि उन्होंने एआईएडीएमके का समर्थन लिया।

पार्टी ने सरकार द्वारा लागू की गई योजनाओं की सराहना की, जिनमें 200 यूनिट मुफ्त बिजली, छोटे और सीमांत किसानों के लिए फसल ऋण माफी, कुरुवई खेती के लिए विशेष पैकेज, कक्षा 8 तक नाश्ता योजना का विस्तार, महिलाओं के लिए विशेष टास्क फोर्स, नशा विरोधी अभियान और निवेश बढ़ाने के प्रयास शामिल हैं।

पार्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री विजय ने वित्तीय चुनौतियों के बावजूद मजबूत नेतृत्व दिखाया है और वे तमिलनाडु की राजनीति में एक महत्वपूर्ण शक्ति बनेंगे।

–आईएएनएस

एएमटी/वीसी

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