बेंगलुरु, 10 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक पुलिस को आशंका है कि बेंगलुरु के ग्रामीण जिले में मौजूद ऐतिहासिक शिवगंगे पहाड़ी से लापता हुए बेंगलुरु के एक टेक कर्मचारी ने शायद आत्महत्या करने की योजना बनाई थी। जांचकर्ताओं को उसके लैपटॉप से ऐसी सर्च हिस्ट्री मिली है, जिससे पता चलता है कि उसने पहाड़ी से गिरने के नतीजों के बारे में जानकारी जुटाई थी।
लापता हुए टेक कर्मचारी की पहचान मध्य प्रदेश के इंदौर के रहने वाले अद्वैत उपाध्याय के तौर पर हुई है, जो बेंगलुरु के कडुगोडी में रहते थे। अद्वैत शुक्रवार को ट्रेकिंग के लिए शिवगंगे पहुंचे थे और उसके बाद से लापता हैं।
पिछले तीन दिनों से बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें पुलिस, फायर और इमरजेंसी सर्विस, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। टीमें ड्रोन और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से शिवगंगे पहाड़ी के मुश्किल इलाकों में तलाशी ले रही हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच में कई ऐसी बातें सामने आई हैं, जिनसे अंदेशा है कि उपाध्याय ने शायद कोई बड़ा और खतरनाक कदम उठाने की योजना बनाई थी।
पुलिस ने उनके घर से एक लैपटॉप बरामद किया और जांच के दौरान उसे खोलकर देखा। कथित तौर पर उन्हें पता चला कि उपाध्याय ने एक एआई टूल का इस्तेमाल करके यह जानकारी खोजी थी कि अगर वे शिवगंगे पहाड़ी से गिरते हैं, तो मरने में कितना समय लगेगा।
जांच करने वालों को पहाड़ी की ऊंचाई और उससे गिरने के संभावित नतीजों से जुड़ी सर्च भी मिलीं। पुलिस के मुताबिक, एआई से मिले जवाब से पता चला कि सुबह करीब 7:30 बजे पहाड़ी से गिरने पर किसी व्यक्ति की मौत हो सकती है।
इन सर्च और जांच के दौरान मिले दूसरे सबूतों के आधार पर पुलिस को शक है कि उपाध्याय 7 अगस्त को होने वाली अपनी तय ट्रेकिंग ट्रिप से पहले ही यानी 4 अगस्त को शिवगंगे गए होंगे।
खबरों के मुताबिक, 7 अगस्त को उपाध्याय ने शिवगंगे में ट्रेकिंग शुरू की। ट्रेक शुरू करने के कुछ ही देर बाद उन्होंने उस महिला को एक फोटो भेजी, जिससे उनकी सगाई हुई थी। इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
पुलिस को उपाध्याय की एक फोटो भी मिली है, जिसे एक दूसरे टूरिस्ट ने तब खींचा था जब वे पहाड़ी की चोटी पर थे। जांच करने वाले इस फोटो और दूसरे उपलब्ध सबूतों की जांच कर रहे हैं ताकि उनके लापता होने से पहले की उनकी गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
इस सर्च ऑपरेशन की अगुवाई नेलामंगला टाउन सर्कल इंस्पेक्टर भरत गौड़ा कर रहे हैं और इसमें पुलिसकर्मी, एसडीआरआफ की टीमें और मुश्किल रास्तों की जानकारी रखने वाले एक्सपर्ट्स शामिल हैं।
ये टीमें पहाड़ी के उन हिस्सों को स्कैन करने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल कर रही हैं, जहाँ पहुंचना मुश्किल है। वे उन संकरी, गहरी और खड़ी जगहों की भी तलाशी ले रही हैं, जहां कोई व्यक्ति फंस सकता है या गिर सकता है।
शिवगंगे की चोटी पर मौजूद ‘शांतला ड्रॉप’ एक मशहूर टूरिस्ट स्पॉट है, लेकिन यहां की खड़ी चढ़ाई और मुश्किल रास्तों की वजह से सर्च टीमों के लिए यह इलाका सबसे चुनौतीपूर्ण है। पुलिस ने अभी तक उपाध्याय की मौत की पुष्टि नहीं की है और उन्हें खोजने की कोशिशें जारी हैं।
–आईएएनएस
ओपी/पीएम
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



