मध्य प्रदेश सरकार ने सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग हब के लिए 1,295 करोड़ रुपये मंजूर किए

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भोपाल, 5 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने मंगलवार को भोपाल के पास इलेक्ट्रॉनिक (सेमीकंडक्टर) मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित करने के लिए 1,295 करोड़ रुपये के बड़े निवेश को मंजूरी दे दी। अधिकारियों ने इसे राज्य के औद्योगिक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। यह परियोजना केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से विकसित की जा रही है और इसके सेमीकंडक्टर से जुड़ी गतिविधियों तथा सहायक उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने की उम्मीद है। 200 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैलने वाला यह क्लस्टर इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण, अनुसंधान और नवाचार का एक व्यापक केंद्र होगा।…

भोपाल, 5 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने मंगलवार को भोपाल के पास इलेक्ट्रॉनिक (सेमीकंडक्टर) मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित करने के लिए 1,295 करोड़ रुपये के बड़े निवेश को मंजूरी दे दी। अधिकारियों ने इसे राज्य के औद्योगिक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

यह परियोजना केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से विकसित की जा रही है और इसके सेमीकंडक्टर से जुड़ी गतिविधियों तथा सहायक उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने की उम्मीद है।

200 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैलने वाला यह क्लस्टर इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण, अनुसंधान और नवाचार का एक व्यापक केंद्र होगा।

अधिकारियों ने बताया कि यह पहल भारत की वैश्विक सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार व्यापक नीति ढांचे का हिस्सा है। राज्य के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री चेतन्य कुमार कश्यप ने यह जानकारी दी।

मंजूर की गई राशि आगामी वर्षों में चरणबद्ध तरीके से खर्च की जाएगी, जिसकी शुरुआत शुरुआती निवेश चरण से होगी।

यह क्लस्टर सेमीकंडक्टर उत्पादन, असेंबली और परीक्षण से जुड़ी कंपनियों के लिए बुनियादी ढांचा और सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, साथ ही सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा देगा।

राज्य सरकार का लक्ष्य एक समर्पित इकोसिस्टम तैयार कर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को आकर्षित करना, रोजगार के अवसर पैदा करना और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में आयात पर निर्भरता कम करना है।

अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना न केवल मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देगी, बल्कि उन्नत प्रौद्योगिकी निर्माण में आत्मनिर्भर बनने की भारत की व्यापक महत्वाकांक्षा को भी मजबूती देगी।

इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के बढ़ते महत्व को देखते हुए, इस क्लस्टर की स्थापना से भोपाल को नवाचार और उत्पादन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित होने की उम्मीद है।

मंत्रिमंडल की यह मंजूरी राज्य में हाई-टेक उद्योगों को बढ़ावा देने और सतत आर्थिक अवसर सृजित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

अगले पांच वर्षों में यह क्लस्टर एक गतिशील केंद्र के रूप में विकसित होने की संभावना है, जो तकनीकी प्रगति और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को नई दिशा देगा।

इस निर्णय को एक दूरदर्शी कदम के रूप में देखा जा रहा है, जो राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है और राज्य के औद्योगिक विकास के लिए नए रास्ते खोलता है।

अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे में निवेश और सेमीकंडक्टर विकास पर ध्यान केंद्रित करके राज्य दीर्घकालिक विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की मजबूत नींव तैयार कर रहा है।

–आईएएनएस

डीएससी

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