मध्य प्रदेश सरकार ने जबलपुर बरगी बांध हादसे की न्यायिक जांच के आदेश दिए

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भोपाल, 10 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश सरकार ने जबलपुर के बरगी बांध पर हुए दुखद क्रूज हादसे की न्यायिक जांच के आधिकारिक आदेश दे दिए हैं, जिसमें इस महीने की शुरुआत में कम से कम 13 लोगों की जान चली गई थी। इस जांच का नेतृत्व करने के लिए, राज्य प्रशासन ने सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीश संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया है। आयोग को गहन जांच करने का कार्य सौंपा गया है और उससे तीन महीने के भीतर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपने की उम्मीद है। अतिरिक्त सचिव दिनेश कुमार मौर्य के अधिकार…

भोपाल, 10 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश सरकार ने जबलपुर के बरगी बांध पर हुए दुखद क्रूज हादसे की न्यायिक जांच के आधिकारिक आदेश दे दिए हैं, जिसमें इस महीने की शुरुआत में कम से कम 13 लोगों की जान चली गई थी।

इस जांच का नेतृत्व करने के लिए, राज्य प्रशासन ने सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीश संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया है।

आयोग को गहन जांच करने का कार्य सौंपा गया है और उससे तीन महीने के भीतर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपने की उम्मीद है।

अतिरिक्त सचिव दिनेश कुमार मौर्य के अधिकार के तहत सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार आयोग को दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इस आयोग की जांच का एक प्रमुख हिस्सा उन व्यक्तियों और अधिकारियों की जवाबदेही तय करना है जिनकी लापरवाही के कारण यह आपदा आई हो सकती है।

इसके अलावा, आयोग घटना के दौरान और उसके तुरंत बाद चलाए गए बचाव और राहत कार्यों की प्रभावशीलता की समीक्षा करेगा।

बरगी बांध त्रासदी के विशिष्ट विवरणों के अलावा, राज्य सरकार ने आयोग को मध्य प्रदेश में वर्तमान में संचालित सभी नौकाओं, क्रूज और जल क्रीड़ा गतिविधियों का व्यापक ऑडिट करने का अधिकार दिया है।

यह सुरक्षा ऑडिट जांच करेगा कि क्या जलयान 2021 के अंतर्देशीय पोत अधिनियम और 2017 के नौका सुरक्षा दिशानिर्देशों द्वारा अनिवार्य प्रमाणन और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं।

इस जांच का एक दीर्घकालिक लक्ष्य राज्य में सभी जल आधारित मनोरंजक गतिविधियों के संचालन और रखरखाव के लिए एक समान मानक संचालन प्रक्रिया स्थापित करना है ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

यह न्यायिक जांच चार सदस्यीय समिति के प्रारंभिक गठन के बाद शुरू की गई है, जिसे पहले 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था।

प्रारंभिक जांच में कई प्रशासनिक स्तरों पर गंभीर लापरवाही के संकेत मिले हैं। इस त्रासदी में आठ महिलाओं, चार बच्चों और एक पुरुष की जान चली गई, जिससे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर व्यापक चिंताएं पैदा हो गईं।

आयोग को मध्य प्रदेश राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने के 90 दिनों के भीतर अपनी जांच पूरी करनी होगी और अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, ताकि पीड़ितों और उनके परिवारों को समयबद्ध तरीके से न्याय मिल सके।

–आईएएनएस

एमएस/

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