नागालैंड के हथकरघा क्षेत्र की रीढ़ हैं महिला बुनकर, सीएम रियो ने ‘यार्न बैंक योजना’ की शुरू

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कोहिमा, 7 अगस्त (आईएएनएस)। नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने शुक्रवार को राज्य के बुनकरों, विशेषकर महिला बुनकरों की सराहना करते हुए उन्हें हथकरघा क्षेत्र की ‘रीढ़’ बताया। उन्होंने कहा कि राज्य की समृद्ध पारंपरिक वस्त्र कला और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने में महिला बुनकरों का योगदान अमूल्य है। 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर दीमापुर में ‘मुख्यमंत्री यार्न बैंक योजना’ का वर्चुअल उद्घाटन करते हुए रियो ने बदलते समय के बावजूद नागालैंड की समृद्ध वस्त्र विरासत को सहेजने के लिए बुनकरों के समर्पण, दृढ़ता और असाधारण कारीगरी की सराहना की। मुख्यमंत्री ने इस योजना को नागालैंड के…

कोहिमा, 7 अगस्त (आईएएनएस)। नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने शुक्रवार को राज्य के बुनकरों, विशेषकर महिला बुनकरों की सराहना करते हुए उन्हें हथकरघा क्षेत्र की ‘रीढ़’ बताया। उन्होंने कहा कि राज्य की समृद्ध पारंपरिक वस्त्र कला और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने में महिला बुनकरों का योगदान अमूल्य है।

12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर दीमापुर में ‘मुख्यमंत्री यार्न बैंक योजना’ का वर्चुअल उद्घाटन करते हुए रियो ने बदलते समय के बावजूद नागालैंड की समृद्ध वस्त्र विरासत को सहेजने के लिए बुनकरों के समर्पण, दृढ़ता और असाधारण कारीगरी की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने इस योजना को नागालैंड के हथकरघा क्षेत्र को मजबूत करने और राज्य के हजारों बुनकरों की आजीविका बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस केवल पारंपरिक शिल्प का उत्सव नहीं है, बल्कि यह उस जीवंत विरासत को सम्मान देने का अवसर है, जिसने पीढ़ियों से नागा लोगों की पहचान, संस्कृति और भावना को आकार दिया है।

रियो ने कहा कि हथकरघा राज्य के लोगों की कलात्मकता, दृढ़ता और रचनात्मकता का प्रतिनिधित्व करता है। प्रत्येक शॉल, पारंपरिक परिधान और बुने हुए डिजाइन में विभिन्न नागा जनजातियों की कहानियां, परंपराएं और मूल्य समाहित हैं।

बुनकरों के सामने आने वाली चुनौतियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किफायती कीमत पर अच्छी गुणवत्ता वाले प्राकृतिक धागे की उपलब्धता लंबे समय से एक बड़ी समस्या रही है। कई कारीगरों को कच्चा माल खरीदने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इससे परिवहन खर्च बढ़ने के साथ उन्हें अधिक कीमत भी चुकानी पड़ती है, जिसका असर उत्पादन, आय और हथकरघा क्षेत्र के विकास पर पड़ता है।

इन समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री यार्न बैंक योजना’ शुरू की है। इसके तहत दीमापुर स्थित स्टेट इंडस्ट्रियल पार्क के जिला उद्योग केंद्र में एक समर्पित और केंद्रीकृत सुविधा स्थापित की गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि यार्न बैंक नागालैंड के बुनकरों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले प्राकृतिक धागे का भरोसेमंद स्रोत बनेगा। यहां कपास, एरी सिल्क, मूगा सिल्क, बांस फाइबर और अन्य प्राकृतिक फाइबर मिश्रण मिल-गेट कीमतों पर उपलब्ध कराए जाएंगे।

इसके अलावा नागालैंड सरकार 15 प्रतिशत सब्सिडी भी देगी, जिससे पात्र बुनकरों को गुणवत्तापूर्ण कच्चा माल अधिक किफायती कीमत पर उपलब्ध हो सकेगा।

रियो ने बताया कि इस योजना से हर साल करीब 5,000 से 10,000 बुनकरों को लाभ मिलने की उम्मीद है। ‘यार्न पास बुक’ रखने वाले पात्र बुनकर पारदर्शी और व्यवस्थित वितरण प्रणाली के जरिए सीधे यार्न बैंक से धागा खरीद सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल कच्चा माल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि नागालैंड के बुनकरों के साथ खड़े रहने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इससे कच्चे माल की लागत कम होगी, गुणवत्तापूर्ण धागे की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित होगी और कारीगरों को उत्पादन एवं घरेलू आय बढ़ाने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि हथकरघा क्षेत्र को समर्थन देने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, महिलाओं का सशक्तिकरण होगा, उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और नागालैंड की सबसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक विरासतों में से एक का संरक्षण होगा।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के पात्र बुनकरों से योजना का पूरा लाभ उठाने की अपील की। साथ ही सरकारी विभागों, सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समूहों, ग्रामीण संस्थाओं और सामुदायिक नेताओं से मिलकर काम करने का आह्वान किया, ताकि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र कारीगर तक पहुंच सके।

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर रियो ने राज्य के लोगों से नागालैंड की हथकरघा विरासत को संरक्षित करने, बढ़ावा देने और उसका उत्सव मनाने के सामूहिक संकल्प को दोहराने की अपील की।

उन्होंने विश्वास जताया कि ‘मुख्यमंत्री यार्न बैंक’ राज्य के हथकरघा समुदाय के लिए एक स्थायी सहायता प्रणाली बनेगा और नागालैंड की समृद्ध बुनाई परंपरा को और मजबूत करेगा।

–आईएएनएस

डीएससी

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