Aaj Ka Panchang 14 August 2026: 14 अगस्त 2026, शुक्रवार को श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। इस दिन पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र और परिघा योग का संयोग बन रहा है। वहीं चंद्रमा का गोचर सिंह राशि में रहेगा, जिसके स्वामी सूर्यदेव हैं। धार्मिक दृष्टि से श्रावण माह भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। ऐसे में इस दिन पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक कार्यों का विशेष महत्व रहेगा।
अगर आप 14 अगस्त को कोई शुभ कार्य करने की योजना बना रहे हैं, तो दिन के शुभ और अशुभ समय की जानकारी होना जरूरी है। आइए जानते हैं 14 अगस्त 2026 का संपूर्ण पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, चंद्रास्त, अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल, गुलिक काल और यमगण्ड का समय शामिल है।
आज का पंचांग- Aaj Ka Panchang 14 August 2026
पंचांग समय/विवरण
तिथि द्वितीया, 18:52 तक
नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी, 27:40 तक
प्रथम करण बालवा, 07:41 तक
द्वितीय करण कौलव, 18:52 तक
पक्ष शुक्ल पक्ष
वार शुक्रवार
योग परिघा, 09:24 तक
चंद्रमा सिंह राशि में
सूर्योदय 05:51 बजे
सूर्यास्त 18:53 बजे
राहुकाल 10:44 से 12:22 बजे तक
विक्रमी संवत् 2083
शक संवत् 1948, पराभव
मास श्रावण
अभिजीत मुहूर्त 11:56 से 12:48 बजे तक
श्रावण शुक्ल द्वितीया का महत्व
14 अगस्त को श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। हिंदू धर्म में श्रावण मास को भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस महीने में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करने से भक्तों को विशेष आध्यात्मिक लाभ मिलने की मान्यता है।
द्वितीया तिथि को भी धार्मिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु भगवान शिव के साथ अपने इष्टदेव की पूजा कर सकते हैं। सुबह स्नान के बाद शिव मंदिर में जाकर जलाभिषेक करना और भगवान शिव का ध्यान करना शुभ माना जाता है।
आज का शुभ मुहूर्त- अभिजीत मुहूर्त
14 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त 11:56 बजे से 12:48 बजे तक रहेगा। दिन के इस समय को सामान्यतः शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस अवधि में पूजा, धार्मिक अनुष्ठान या अन्य शुभ कार्य किए जा सकते हैं।
हालांकि किसी विशेष संस्कार या मांगलिक कार्य के लिए स्थानीय पंचांग और उस कार्य से जुड़े विशेष मुहूर्त को भी ध्यान में रखना चाहिए।
चंद्रोदय और सूर्यास्त का समय
14 अगस्त 2026 को सूर्य का उदय सुबह 05:51 बजे होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 06:53 बजे होगा। चंद्रमा का उदय सुबह 07:14 बजे और चंद्रास्त रात 08:01 बजे होगा।
इस दिन चंद्रमा सिंह राशि में स्थित रहेगा। सिंह राशि के स्वामी सूर्यदेव हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा मन और भावनाओं का कारक माना जाता है, इसलिए चंद्रमा की स्थिति का प्रभाव व्यक्ति के मनोभावों पर भी देखा जाता है।
आज का अशुभ मुहूर्त
पंचांग में दिन के कुछ ऐसे समय भी बताए जाते हैं, जिन्हें महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। 14 अगस्त को राहुकाल, गुलिक काल और यमगण्ड का समय इस प्रकार रहेगा।
गुलिक काल: सुबह 07:28 बजे से 09:06 बजे तक
राहुकाल: सुबह 10:44 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक
यमगण्ड: दोपहर 03:37 बजे से शाम 05:15 बजे तक
इन अवधि में नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से आमतौर पर बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि नियमित और आवश्यक कार्य किए जा सकते हैं।
14 अगस्त को करें भगवान शिव की पूजा
श्रावण माह होने के कारण 14 अगस्त को भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व रहेगा। सुबह स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और शिवलिंग पर जल अर्पित करें। इसके बाद बेलपत्र, पुष्प और धतूरा आदि अर्पित कर भगवान शिव का स्मरण किया जा सकता है।
पूजा के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करना भी शुभ माना जाता है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार शिव चालीसा या शिव स्तुति का पाठ कर सकते हैं।
कुल मिलाकर 14 अगस्त 2026 को श्रावण शुक्ल द्वितीया, पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र और परिघा योग का संयोग बन रहा है। दिन में शुभ कार्य के लिए अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:56 बजे से 12:48 बजे तक रहेगा, जबकि राहुकाल सुबह 10:44 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक रहेगा। पंचांग के इन समयों को ध्यान में रखकर दिन की धार्मिक और शुभ गतिविधियों की योजना बनाई जा सकती है।



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