अगरतला, 5 अगस्त (आईएएनएस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बुधवार को कहा कि नशे और अपराध के खिलाफ लड़ाई में “किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी”। उन्होंने पुलिस और प्रशासन को समन्वय के साथ कड़ी कार्रवाई करने और जरूरत पड़ने पर नशा तस्करी और आपराधिक गतिविधियों पर रोक के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए।
राज्य सचिवालय से टास्क मॉनिटरिंग सिस्टम की वर्चुअल बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि त्रिपुरा को नशा मुक्त राज्य बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रशासन के हर स्तर पर ज्यादा समन्वय, सख्ती और प्रभावी तरीके से काम करना होगा। उन्होंने पुलिस और जिला प्रशासन को अपराध प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करने, नियमित गश्त बढ़ाने और स्कूल, कॉलेज सहित संवेदनशील स्थानों के आसपास निगरानी मजबूत करने को कहा।
सीएम साहा ने अगरतला के जीबीपी अस्पताल क्षेत्र में 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी और अतिरिक्त पुलिस तैनाती पर भी जोर दिया ताकि आपराधिक घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने अधिकारियों को नशा से जुड़े अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने पर्यटन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि त्रिपुरा के पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। उन्होंने सभी विभागों और जिला प्रशासन को छबिमुड़ा, उनाकोटी, डंबूर और नीरमहल जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों को नियमित निरीक्षण और निगरानी के जरिए साफ-सुथरा और पर्यटकों के अनुकूल रखने का निर्देश दिया।
साहा ने जिला अधिकारियों को 9 से 17 अगस्त तक चलने वाले हर घर तिरंगा अभियान और वंदे मातरम की 150वीं जयंती के कार्यक्रमों की व्यापक तैयारी करने को भी कहा। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम 11 अगस्त को उज्जयंत पैलेस में आयोजित होगा और इसमें लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया।
शिक्षा क्षेत्र की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए कई पहल की गई हैं। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक स्तर के साथ-साथ स्कूलों की आधारभूत संरचना, साफ-सफाई, सूचना पट्ट और समग्र शैक्षिक माहौल पर भी नियमित नजर रखी जाए। उन्होंने जिला अधिकारियों को स्कूलों का गहन निरीक्षण करने और ड्यूटी में लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनता से विनम्रता, धैर्य और संवेदनशीलता के साथ पेश आने की अपील की। बैठक में उन्होंने राज्य में सड़कों, बिजली आपूर्ति और पेयजल सेवाओं की स्थिति की भी समीक्षा की और लोगों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
जल जीवन मिशन का जिक्र करते हुए साहा ने कहा कि परियोजना का लगभग 85-86 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और बाकी काम तेजी से पूरा किया जाए। उन्होंने खासतौर पर खोवई जैसे जिलों में पेयजल की समस्या के समाधान के लिए नवाचार और व्यावहारिक उपाय अपनाने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कैलाशहर हवाई अड्डे को संचालित करने की दिशा में हुई प्रगति की भी समीक्षा की और संबंधित विभागों से विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने नागरिक केंद्रित शासन पर जोर देते हुए कहा कि सरकारी सेवाएं दक्षता, शिष्टाचार और जवाबदेही के साथ दी जानी चाहिए।
बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्री के सचिव और सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के सचिव किरण गित्ते ने टास्क मॉनिटरिंग सिस्टम के कामकाज पर विस्तृत प्रस्तुति दी और बैठक का संचालन किया।
बैठक में मुख्य सचिव जे.के. सिन्हा, प्रमुख सचिव, सचिव, निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। वहीं सभी आठ जिलों के जिला अधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारी वर्चुअल रूप से बैठक में शामिल हुए।
–आईएएनएस
डीएससी
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