हैदराबाद, 21 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि तेलंगाना में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) स्थापित करने की कोई योजना नहीं है। सरकार का कहना है कि राज्य में पहले से ही बड़ी संख्या में उच्च शिक्षा और प्रबंधन संस्थान मौजूद हैं।
लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कांग्रेस सांसद मल्लू रवि को बताया कि हैदराबाद में आईआईएम स्थापित करने का अनुरोध केंद्र सरकार को प्राप्त हुआ है।
मंत्री ने कहा कि भारत सरकार समय-समय पर क्षेत्रीय संतुलन और उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए देशभर में राष्ट्रीय महत्व के नए संस्थान, जैसे भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), स्थापित करती है। वर्तमान में देश के 21 राज्यों में 22 आईआईएम संचालित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि तेलंगाना, गोवा, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम ऐसे राज्य हैं, जहां अभी कोई आईआईएम नहीं है।
अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण 2023-24 का हवाला देते हुए सुकांत मजूमदार ने बताया कि तेलंगाना में 2,070 उच्च शिक्षण संस्थान हैं। इनमें से 604 संस्थानों में प्रबंधन से जुड़े पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं।
इन 604 संस्थानों में 20 विश्वविद्यालय, 570 कॉलेज और 14 स्वतंत्र संस्थान शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि तेलंगाना में पहले से ही कई प्रतिष्ठित केंद्रीय शैक्षणिक संस्थान मौजूद हैं, जिनमें हैदराबाद विश्वविद्यालय, आईआईटी हैदराबाद, एनआईटी वारंगल, इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेज यूनिवर्सिटी और मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय शामिल हैं।
इसके अलावा, वर्ष 2023 में मुलुगु में सम्मक्का सरक्का केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना भी की गई है।
बता दें कि पिछले महीने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान हैदराबाद में आईआईएम स्थापित करने का अनुरोध किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा था कि राज्य सरकार संस्थान के लिए आवश्यक 200 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।
उन्होंने यह भी कहा था कि तेलंगाना पहले से ही आईआईटी, आईआईआईटी, नालसर और टीआईएफआर जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों का केंद्र है और आईआईएम की स्थापना से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
केंद्र सरकार ने फिलहाल राज्य में नया आईआईएम स्थापित करने की किसी योजना से इनकार कर दिया है।
–आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
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