भुवनेश्वर, 20 मार्च (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए 13,000 से ज्यादा जूनियर शिक्षकों को नियमित किया है। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर दी।
सीएमओ के बयान के मुताबिक, प्रदेश सरकार ने राज्य भर में संविदात्मक कनिष्ठ शिक्षक (योजनाबद्ध) के नियमितीकरण को मंजूरी दे दी है।
इस निर्णय के अनुसार, 2023-24 की अवधि के दौरान नियुक्त जूनियर शिक्षकों (योजनाबद्ध) को अब नियमित कर दिया गया है, जिससे ओडिशा में 13,000 से अधिक शिक्षकों को लाभ होगा।
इस कदम से उन हजारों शिक्षकों को लंबे समय से प्रतीक्षित राहत मिलने की उम्मीद है जो नौकरी की सुरक्षा की बार-बार मांग के बावजूद संविदात्मक शर्तों के तहत काम कर रहे थे।
आधिकारिक बयान के अनुसार, शिक्षकों को उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से नियमित कर्मचारी माना जाएगा। हालांकि, उन्हें कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 31 दिसंबर, 2025 तक की अवधि के लिए सांकेतिक लाभ प्राप्त होंगे।
1 जनवरी, 2026 से वे पूर्ण वेतन और नियमित सरकारी कर्मचारियों पर लागू होने वाले अन्य सभी लाभों के हकदार होंगे, जिनमें भत्ते और सेवा-संबंधी हक शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने इससे पहले जूनियर स्कीमेटिक शिक्षकों को नियमित करने के सरकार के इरादे की घोषणा की थी। अब औपचारिक मंजूरी मिल जाने के बाद, इस फैसले का शिक्षण समुदाय द्वारा स्वागत किया गया है, जिनमें से कई लोग इस मुद्दे पर महीनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
राज्य सरकार द्वारा सरकारी नौकरियों में संविदा प्रणाली को समाप्त करने के पूर्व कदम के बावजूद, 13,000 से अधिक कनिष्ठ शिक्षक अपने रोजगार के शुरुआती छह वर्षों तक संविदा के आधार पर सेवा करते रहे। इससे शिक्षकों में असंतोष बढ़ता जा रहा था, जिनका तर्क था कि यह व्यवस्था उन्हें समान वेतन और नौकरी की सुरक्षा से वंचित कर रही है।
संविदात्मक प्रणाली को पूरी तरह से समाप्त करने और उनकी सेवाओं को तुरंत नियमित करने की मांग लगातार की जा रही थी।
हालांकि, सरकार ने पहले ही उनका मासिक वेतन बढ़ा दिया था, लेकिन पूर्ण नियमित करने की मांग अब तक अनसुलझी रही है। इस निर्णय के साथ, राज्य सरकार ने शिक्षण समुदाय की चिंताओं को दूर करने और ओडिशा में शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।
–आईएएनएस
एएसएच/एबीएम
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