रेलवे संपत्ति से जुड़े अपराधों के मामले में 5 वर्षों में 52,000 से अधिक लोग गिरफ्तार

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नई दिल्ली, 26 मार्च (आईएएनएस)। पिछले पांच वर्षों (2021–2025) के दौरान, भारतीय रेलवे की संपत्ति पर अवैध कब्जे से संबंधित ‘रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम, 1966’ के प्रावधानों के तहत कुल 52,494 लोगों को गिरफ्तार किया गया। संसद में पेश की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इनमें से 50,432 अपराधियों के खिलाफ संबंधित अदालतों में शिकायतें दर्ज की गईं। रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा का दायित्व रेलवे सुरक्षा बल को सौंपा गया है। रेलवे सुरक्षा बल को ‘रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम, 1966’ के प्रावधानों के तहत रेलवे की संपत्ति के विरुद्ध चोरी, बेईमानी से गबन, मिलीभगत और षड्यंत्र के…

नई दिल्ली, 26 मार्च (आईएएनएस)। पिछले पांच वर्षों (2021–2025) के दौरान, भारतीय रेलवे की संपत्ति पर अवैध कब्जे से संबंधित ‘रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम, 1966’ के प्रावधानों के तहत कुल 52,494 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

संसद में पेश की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इनमें से 50,432 अपराधियों के खिलाफ संबंधित अदालतों में शिकायतें दर्ज की गईं।

रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा का दायित्व रेलवे सुरक्षा बल को सौंपा गया है। रेलवे सुरक्षा बल को ‘रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम, 1966’ के प्रावधानों के तहत रेलवे की संपत्ति के विरुद्ध चोरी, बेईमानी से गबन, मिलीभगत और षड्यंत्र के मामले दर्ज करने का अधिकार प्राप्त है।

अपराधी के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद जांच की जाती है। इसके बाद स्पेशल रेलवे मजिस्ट्रेट की अदालत में शिकायत दर्ज की जाती है। कुछ राज्यों में, जहां स्पेशल रेलवे अदालतें नहीं हैं, वहां जिला अदालतों में शिकायत दर्ज की जाती है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा दिए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों (2021-25) के दौरान पत्थरबाजी की कुल 12,157 घटनाएं भी दर्ज की गईं, जिनमें रेलवे सुरक्षा बल और सरकारी रेलवे पुलिस ने 8,441 लोगों को गिरफ्तार किया।

इस अवधि के दौरान भारतीय रेलवे पर शरारती तत्वों की गतिविधियों के कारण पटरी से उतरने की केवल तीन घटनाएं हुईं, एक-एक घटना ईस्ट कोस्ट रेलवे के वाल्टेयर डिवीजन में, नॉर्थ सेंट्रल रेलवे के झांसी डिवीजन में और सदर्न रेलवे के चेन्नई डिवीजन में दर्ज की गई।

रेलवे पटरियों के साथ आपराधिक छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए, नियमित रूप से राज्य-स्तरीय सुरक्षा समिति की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन समितियों का गठन प्रत्येक राज्य और जम्मू-कश्मीर में संबंधित राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की अध्यक्षता में किया गया है, जिसमें रेलवे सुरक्षा बल, सरकारी रेलवे पुलिस और खुफिया इकाइयों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

अपराध को नियंत्रित करने, मामले दर्ज करने, जांच करने और ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल सभी स्तरों पर राज्य पुलिस अधिकारियों के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए हुए है। इसमें तोड़फोड़ की घटनाओं और खुफिया जानकारी साझा करने पर विशेष ध्यान है।

वहीं, चिह्नित ‘ब्लैक स्पॉट’ (संवेदनशील स्थानों) और जोखिम वाले खंडों में रेलवे, रेलवे सुरक्षा बल, सरकारी रेलवे पुलिस और सिविल पुलिस द्वारा लगातार गश्त की जा रही है। रेलवे पटरियों के पास पड़े ढीले और बिखरे हुए सामान को हटाने के लिए नियमित अभियान चलाए जाते हैं, जिनका उपयोग शरारती तत्व परिचालन बाधित करने के लिए कर सकते हैं।

–आईएएनएस

एबीएम/डीएससी

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