अमरावती, 19 जून (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं वन और पर्यावरण मंत्री पवन कल्याण ने शुक्रवार को मंगलगिरि के निकट देश में अपनी तरह के पहले कॉमन फैसिलिटी सेंटर ‘अरण्यारामम’ की आधारशिला रखी। करीब 24 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह केंद्र राज्य में वन अनुसंधान, प्रशिक्षण, संरक्षण और पर्यावरणीय प्रशासन का प्रमुख केंद्र होगा।
‘अरण्यारामम’ वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रशासनिक और पर्यवेक्षण कार्यालय के रूप में कार्य करेगा। इसके साथ ही यह हनुमान, आंध्र प्रदेश ग्रेट ग्रीन वॉल परियोजना, वन्यजीव संरक्षण, जंगलों में आग की निगरानी, पारिस्थितिकी तंत्र के पुनर्स्थापन, जलवायु लचीलापन, ईको-टूरिज्म और डिजिटल पर्यावरणीय शासन जैसी पहलों का कमांड सेंटर भी बनेगा।
शिलान्यास समारोह के बाद पवन कल्याण ने हनुमान गैलरी का निरीक्षण किया, जहां वन्यजीव बचाव अभियानों की जानकारी प्रदर्शित की गई। अधिकारियों ने बताया कि आंध्र प्रदेश वन विभाग ने वर्ष 2024 में 185 वन्यजीव बचाव अभियान और 36 मानव-वन्यजीव संघर्ष निवारण अभियान सफलतापूर्वक संचालित किए।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने ‘नंदनवनम’ नामक एक विशेष कार्यक्रम की भी शुरुआत की, जिसका उद्देश्य खनन गतिविधियों से क्षतिग्रस्त प्राकृतिक क्षेत्रों को फिर से हराभरा बनाना है। उन्होंने एक देशी बरगद का पौधा लगाकर इस अभियान का शुभारंभ किया।
बताया गया कि वर्ष 2013 से क्षेत्र में हुए खनन कार्यों के कारण पहाड़ी भूभाग और वन क्षेत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा है। पवन कल्याण ने कहा कि ‘नंदनवनम’ पहल के जरिए इन क्षेत्रों में दोबारा हरियाली लाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा और प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर वातावरण तैयार किया जाएगा।
कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव कांतिलाल डांडे, वन विभाग के सलाहकार मल्लिकार्जुन राव, पीसीसीएफ पी.वी. चलपति राव, राज्य मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के अध्यक्ष चिल्लापल्ली श्रीनिवास राव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
–आईएएनएस
डीएससी
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