अमरावती, 26 मई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने मंगलवार को गोदावरी नदी में प्रदूषण को रोकने में विफल रहने वाले अधिकारियों पर नाराजगी जताई। इसके साथ ही प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
लगातार दूसरे दिन पवन कल्याण पूर्वी गोदावरी जिले का दौरा किया और उन क्षेत्रों का व्यक्तिगत निरीक्षण किया, जहां दूषित जल नदी में बह रहा है। राजामहेंद्रवरम में आंध्र पेपर मिल्स द्वारा फैलाई गई प्रदूषण का स्वयं निरीक्षण किया।
पवन कल्याण ने पूर्वी लंका में स्थित लैगून में आंध्र पेपर मिल्स द्वारा प्रदूषित जल छोड़े जाने का गंभीर संज्ञान लिया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए स्वयं घटनास्थल का दौरा किया कि जल को छोड़ने से पहले किस हद तक उपचारित किया जाता है, साथ ही स्थानीय जल में मौजूद प्रदूषण के वास्तविक स्तर का भी जायजा लिया।
उन्होंने अधिकारियों को मौके पर ही मिट्टी और पानी के नमूने एकत्र करने का आदेश दिया और मोबाइल परीक्षण किटों का उपयोग करके तुरंत उनका परीक्षण कराया। परीक्षणों में प्रदूषकों की उपस्थिति की पुष्टि होने पर उद्योग को पर्यावरण नियमों का पालन न करने के लिए तत्काल नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) के अधिकारियों से लैगून में जलकुंभी के जमाव के बारे में भी सवाल किया।
उपमुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि उद्योग बुनियादी पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना के बिना कैसे चल सकते हैं, खासकर तब जब सरकार रियायती दरों पर भूमि आवंटित करके उन्हें प्रोत्साहित कर रही है।
पवन कल्याण ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए पूछा कि भारी मात्रा में प्रदूषण फैलाने के बावजूद आंध्र पेपर मिल्स को कोई नोटिस क्यों नहीं जारी किया गया।
उन्होंने जिला कलेक्टर कीर्ति चेकुरी से उद्योग द्वारा सरकार को देय 13 करोड़ रुपये की बकाया राशि की वसूली में विफलता के बारे में सवाल किया।
अधिकारियों के प्रति अपनी निराशा व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यदि वे अपने कर्तव्यों का ठीक से निर्वहन करने में विफल रहते हैं, तो अंततः सरकार को ही जनता के प्रति जवाबदेह होना पड़ेगा।
उन्होंने कहा, “औद्योगिक प्रदूषण के संबंध में सभी को प्रदूषण नियंत्रण नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उद्योग इन मानदंडों का अनुपालन करें। यदि जमीनी स्तर पर कोई समस्या दिखाई देती है, तो कृपया इसे मेरे ध्यान में लाएं। मैं मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के साथ इस पर चर्चा करके समाधान निकालूंगा।”
उपमुख्यमंत्री पहले ही गोदावरी नदी में प्रदूषण की जांच के लिए एक कार्य बल गठित करने की घोषणा कर चुके हैं। उनके साथ मंत्री नादेंडला मनोहर, कंदुला दुर्गेश और स्थानीय विधायक गोरंटला बुचैया चौधरी भी थे।
–आईएएनएस
ओपी/पीएम
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