पिनाराई विजयन का आरोप- एमजी विश्वविद्यालय में आरएसएस की गतिविधियों को बढ़ावा दे रही यूडीएफ सरकार

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तिरुवनंतपुरम, 9 जून (आईएएनएस)। पूर्व मुख्यमंत्री और सीपीआई(एम) नेता पिनाराई विजयन ने मंगलवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार पर कोट्टायम स्थित महात्मा गांधी विश्वविद्यालय (एमजीयू) को भगवा रंग में रंगने के प्रयासों में सहयोग देने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने इसमें राज्यपाल कार्यालय की संलिप्तता का भी जिक्र किया। मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में विजयन ने कहा कि धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक ताकतों को संघ परिवार द्वारा राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र पर नियंत्रण हासिल करने के प्रयासों के खिलाफ आगे आना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यूडीएफ सरकार के सत्ता में आने के…

तिरुवनंतपुरम, 9 जून (आईएएनएस)। पूर्व मुख्यमंत्री और सीपीआई(एम) नेता पिनाराई विजयन ने मंगलवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार पर कोट्टायम स्थित महात्मा गांधी विश्वविद्यालय (एमजीयू) को भगवा रंग में रंगने के प्रयासों में सहयोग देने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने इसमें राज्यपाल कार्यालय की संलिप्तता का भी जिक्र किया।

मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में विजयन ने कहा कि धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक ताकतों को संघ परिवार द्वारा राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र पर नियंत्रण हासिल करने के प्रयासों के खिलाफ आगे आना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यूडीएफ सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही राज्यपाल एमजी विश्वविद्यालय के कामकाज में हस्तक्षेप करने के प्रयास कर रहे हैं।

विजयन ने कहा कि राज्यपाल का सामना करने में यूडीएफ की अनिच्छा केरल के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के साथ विश्वासघात है।

उन्होंने कहा कि यह मुद्दा राजनीतिक टकराव नहीं, बल्कि संविधान और विश्वविद्यालय कानूनों की सुरक्षा से संबंधित है।

विजयन ने आरोप लगाया कि एमजी विश्वविद्यालय में भाजपा से जुड़े शिक्षक संगठन से अस्थायी कुलपति की नियुक्ति विश्वविद्यालय को संघ परिवार के प्रभाव में लाने के प्रयास की शुरुआत है।

उन्होंने दावा किया कि सरकार अस्थायी कुलपति की नियुक्ति के लिए पैनल उपलब्ध कराने में विफल रही, जिससे इस निर्णय को कानूनी रूप से चुनौती देने की संभावना सीमित हो गई।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि स्थापित नियमों की अनदेखी करते हुए संघ परिवार के नामांकित व्यक्तियों को विश्वविद्यालय की सीनेट में शामिल किया गया है, और दावा किया कि 30 सदस्यों में से 19 आरएसएस समर्थक हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली एलडीएफ सरकार ने अपने दस साल के शासनकाल में ऐसे प्रयासों का विरोध किया था और ऐसे कदमों का राजनीतिक और कानूनी दोनों तरह से मुकाबला किया था।

उन्होंने विश्वविद्यालयों को प्रभावित करने के प्रयासों के दौरान मौजूदा सरकार पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया।

–आईएएनएस

एमएस/

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