नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)। ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को मेजर जनरल (रिटायर्ड) ध्रुव कटोच ने भारत के लिए बहुत जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि इस इलाके में भारत एक प्लेयर बन गया है। यहां पर सैन्य उपस्थिति बढ़ने से भारत का रणनीतिक महत्व काफी बढ़ जाएगा।
सिप्री की रिपोर्ट को लेकर ध्रुव कटोच ने कहा, “रिपोर्ट में जो रक्षा खर्च की बात की जा रही है, वो तकरीबन सही होगी। परमाणु को लेकर टिप्पणी करना सही नहीं है। ये बहुत गोपनीय बात है। भारत का रक्षा खर्च पहले से ही ज्यादा था, क्योंकि चीन और पाकिस्तान के साथ हमारी खतरनाक सीमाएं हैं। तीसरा, समुद्री चुनौतियां भी बहुत हैं। जब भारत अपनी तरफ देखता है और हमारी जनसंख्या पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा है, तो उस लिहाज से हमारा रक्षा खर्च उतना ज्यादा नहीं है, लेकिन हमारी जरूरत के मुताबिक ये सही है।”
उन्होंने कहा, “परमाणु शक्ति की बात करें तो हो सकता है कि हमारे पास पहले 180 न्यूक्लियर बम थे, जो 190 हो गए हों, तो इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। भारत के जो परमाणु हथियार हैं, वो इस्तेमाल करने के लिए नहीं हैं। हमारे डिलीवरी मीन्स तीन तरह के हैं, जमीन, वायु और जल की तरफ से। इसका मतलब ये नहीं है कि हम इसका इस्तेमाल करेंगे। इसका मतलब ये है कि दूसरे देश हमारे खिलाफ न्यूक्लियर हथियार का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उन्हें पता है कि अगर वो इस तरह की हरकत करेंगे, तो भारत के पास इसका भी जवाब है। अगर सिप्री की रिपोर्ट ये बताती है, तो मुझे कोई आश्चर्य नहीं है। न्यूक्लियर हथियार, युद्ध लड़ने के लिए नहीं है, ये परमाणु युद्ध रोकने के लिए है।”
उन्होंने ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर कहा, “अगर आप पूरे अंडमान निकोबार आईलैंड को देखेंगे तो ये उत्तर से दक्षिण तक है। धनुष की तरह इसका आकार है। यहां छोटे-छोटे 570 आईलैंड हैं। उत्तरी आईलैंड म्यांमार के कोको आईलैंड से तकरीबन 40 किमी दूर है। नॉर्थ को म्यांमार से और दक्षिण को इंडोनेशिया से जोड़ रहे हैं। ग्रेट निकोबार आईलैंड का दक्षिणी हिस्सा है, वो इंडोनेशिया से तकरीबन 100 किमी है। ग्रेट निकोबार और इंडोनेशिया के बीच जो चैनल बनता है, उसे 6 डिग्री चैनल बोलते हैं। भारतीय समुद्र से 90 फीसदी शिपिंग प्रशांत महासागर की ओर जाती है, वो 6 डिग्री चैनल में जाती है। ये 6 डिग्री चैनल मलक्का स्ट्रेट से होकर जाता है।”
कटोच ने कहा कि इस इलाके में पहले से ही भारत के पास एक नेवल बेस है, लेकिन वो थोड़ा छोटा है, जिसे और मजबूत किया जा रहा है। जैसे ही वहां पर सैन्य उपस्थिति बढ़ेगी, इस इलाके का रणनीतिक महत्व भी बढ़ेगा। ये भारत के लिए बहुत बड़ी बात है। यहां पर भारत भी एक प्लेयर बन गया है, क्योंकि हमारे पास यहां बहुत सारे द्वीप हैं।
–आईएएनएस
केके/एबीएम
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App

