पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान तेज, 98 हजार से ज्यादा गिरफ्तारियां

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नई दिल्ली, 22 सितंबर (आईएएनएस)। पंजाब में विधानसभा चुनाव होने में कुछ ही महीने बचे हैं। नशीले पदार्थों की जब्ती और नार्को-टेररिज्म के नेटवर्क का भंडाफोड़ होने की लगातार खबरें आ रही हैं और इस पर सख्ती भी बरती जा रही है, फिर भी समाज के एक वर्ग का नशीले पदार्थों के गैर-कानूनी और अनैतिक धंधे में शामिल होना जारी है, जो चिंता का विषय बना हुआ है। मंगलवार को जब नई दिल्ली में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की तीसरी नेशनल कॉन्फ्रेंस हो रही थी, तब पंजाब से भी ऐसी ही घटनाएं सामने आईं। ‘नशा मुक्त भारत’ अभियान के तहत…

नई दिल्ली, 22 सितंबर (आईएएनएस)। पंजाब में विधानसभा चुनाव होने में कुछ ही महीने बचे हैं। नशीले पदार्थों की जब्ती और नार्को-टेररिज्म के नेटवर्क का भंडाफोड़ होने की लगातार खबरें आ रही हैं और इस पर सख्ती भी बरती जा रही है, फिर भी समाज के एक वर्ग का नशीले पदार्थों के गैर-कानूनी और अनैतिक धंधे में शामिल होना जारी है, जो चिंता का विषय बना हुआ है।

मंगलवार को जब नई दिल्ली में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की तीसरी नेशनल कॉन्फ्रेंस हो रही थी, तब पंजाब से भी ऐसी ही घटनाएं सामने आईं।

‘नशा मुक्त भारत’ अभियान के तहत केंद्र सरकार ने देश के 73 जिलों को अति-संवेदनशील और 274 जिलों को संवेदनशील घोषित किया था। इनमें से पंजाब के छह जिले अति-संवेदनशील श्रेणी में आते हैं।

पंजाब के अति-संवेदनशील जिलों में पाकिस्तान सीमा से सटे अमृतसर, फाजिल्का, फिरोजपुर, गुरदासपुर और तरनतारन शामिल हैं, जबकि छठा जिला औद्योगिक केंद्र लुधियाना है।

खबरों के अनुसार, भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान को और तेज कर दिया है। आंकड़ों से पता चलता है कि 2022 से अप्रैल 2026 के अंत तक नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (एनडीपीएस), 1985 के तहत 73,541 मामले दर्ज किए गए। यह 2017-21 के दौरान दर्ज 52,255 मामलों की तुलना में 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।

इसी दौरान, अधिकारियों ने 98,596 लोगों को गिरफ्तार किया, जो पहले की संख्या 68,064 से लगभग 45 प्रतिशत ज्यादा है। प्रशासन का दावा है कि यह बढ़ोतरी पूरे राज्य में ड्रग तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ लगातार और बड़े पैमाने पर की गई कार्रवाई का नतीजा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार को ही एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) ने दिल्ली में एक ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया। यह तस्कर हेरोइन के बड़े पैमाने पर आयात (जो सेमी-प्रोसेस्ड टैल्क में छिपाकर लाई गई थी) और दिल्ली, पंजाब व हरियाणा में जब्त किए गए प्रतिबंधित सामान से जुड़ा था।

इससे पहले, नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने कई आरोपियों के खिलाफ छह चार्जशीट दायर की थीं। इन पर अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दुबई से चलने वाले एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप था। यह सिंडिकेट पाकिस्तानी आईएसआई एजेंटों और अफगान नागरिकों के साथ मिलकर काम कर रहा था और इसका मास्टरमाइंड वितायश कोसर उर्फ राजू दुबई था, जो एक वांटेड आरोपी है।

उसी दिन एक और घटना में, हरियाणा एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड ने सात आरोपियों को गिरफ्तार करके एक इंटरनेशनल नार्को-टेररिज्म नेटवर्क से जुड़े एक अहम मामले का खुलासा किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच से पता चला कि नशीले पदार्थों की गैर-कानूनी बिक्री से हुई 74 करोड़ रुपये की कमाई हवाला के जरिए अफगानिस्तान भेजी गई और उसका इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए किया गया।

सरकारी रिकॉर्ड बताते हैं कि पंजाब, पाकिस्तान के रास्ते अफ़गानिस्तान से आने वाले नशीले पदार्थों की तस्करी का मुख्य रास्ता है। एनसीबी की रिपोर्ट्स में राज्य की सीमा पर भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की जब्ती और ड्रोन के जरिए तस्करी की घटनाओं का जिक्र है।

गृह मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, ड्रग तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए केंद्र-राज्य के ढांचे को मज़बूत करने के लिए केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं।

सीमा पार से नशीले पदार्थों की घुसपैठ के ट्रेंड से पता चलता है कि सीमा पार से काम करने वाले ड्रग तस्करी सिंडिकेट भारत में हेरोइन, मेथामफेटामाइन, हथियार और गोला-बारूद भेजने के लिए ड्रोन, जीपीएस-इनेबल्ड कंसाइनमेंट, एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन और लोकल रिसीवर नेटवर्क जैसे आधुनिक तरीकों का तेजी से इस्तेमाल कर रहे हैं।

हाल ही में राज्यसभा में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि 2021 से ड्रोन के जरिए ड्रग तस्करी में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी हुई है, जिससे पंजाब देश का सबसे ज़्यादा प्रभावित सीमावर्ती राज्य बन गया है।

अकेले 2025 में देश भर में ड्रोन से जुड़ी ड्रग तस्करी की 305 घटनाएं सामने आईं, जिनमें से 298 घटनाएं पंजाब सीमा पर हुईं। इनके परिणामस्वरूप लगभग 460 किलोग्राम नशीले पदार्थ ज़ब्त किए गए, जिनमें 448 किलोग्राम हेरोइन, 9 किलोग्राम मेथामफेटामाइन और 3 किलोग्राम अफीम शामिल थी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इससे राज्य में इस उभरते हुए खतरे की गंभीरता का पता चलता है।

सरकार सीमा पार से होने वाली ड्रग तस्करी से निपटने के लिए कई उपाय कर रही है, जैसे संवेदनशील इलाकों में एडवांस्ड एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाना, हाई-टेक कैमरों सहित बेहतर सर्विलांस सिस्टम लगाना, और नए डिज़ाइन की फेंसिंग और फ्लडलाइट्स लगाना।

–आईएएनएस

पीएसके

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IANS Agency

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