राज्यसभा की 37 सीटों के लिए 10 राज्यों में आज मतदान

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नई दिल्ली, 16 मार्च (आईएएनएस)। राज्यसभा की 37 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव आज (सोमवार) होंगे। मतदान सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक होगा और वोटों की गिनती शाम 5:00 बजे शुरू होगी। भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने चुनावी प्रक्रिया के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया है। राज्यसभा की 37 सीटों के लिए 10 राज्यों में चुनाव हो रहे हैं। महाराष्ट्र से सात, तमिलनाडु से छह, बिहार और पश्चिम बंगाल से पांच-पांच, ओडिशा से चार, असम से तीन, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और हरियाणा से दो-दो और हिमाचल प्रदेश से एक सीटों से…

नई दिल्ली, 16 मार्च (आईएएनएस)। राज्यसभा की 37 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव आज (सोमवार) होंगे। मतदान सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक होगा और वोटों की गिनती शाम 5:00 बजे शुरू होगी।

भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने चुनावी प्रक्रिया के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया है। राज्यसभा की 37 सीटों के लिए 10 राज्यों में चुनाव हो रहे हैं।

महाराष्ट्र से सात, तमिलनाडु से छह, बिहार और पश्चिम बंगाल से पांच-पांच, ओडिशा से चार, असम से तीन, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और हरियाणा से दो-दो और हिमाचल प्रदेश से एक सीटों से राज्य सभा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त होने वाला है। इसलिए, उच्च सदन में रिक्तियों को भरने के लिए द्विवार्षिक चुनाव कराए जा रहे हैं।

चुनाव आयोग ने इन रिक्तियों को भरने के लिए द्विवार्षिक चुनावों का कार्यक्रम 18 फरवरी को घोषित किया था। जिन लोगों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त होने वाला है, उनमें केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और रामदास अठावले, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, एनसीपी-एसपी के शरद पवार, आरएलएम के उपेंद्र कुशवाहा, कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी, एआईएडीएमके नेता एम. थंबीदुरई और डीएमके नेता तिरुचि शिवा शामिल हैं।

चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि मतपत्र पर वरीयता चिह्न लगाने के लिए केवल रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंगनी रंग के स्केच पेन का ही प्रयोग किया जाना चाहिए। मतदान के लिए किसी अन्य पेन की अनुमति नहीं होगी। आयोग ने यह भी कहा है कि चुनाव प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी करने के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हों।

गौरतलब है कि लोकसभा का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है और जिसे भंग किया जा सकता है, जबकि राज्यसभा एक स्थायी सदन है और बिना किसी रुकावट के निरंतर कार्य करती रहती है। उच्च सदन के सदस्यों का कार्यकाल छह वर्ष का होता है, जिसमें एक तिहाई सदस्य हर दो वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं। इन खाली पदों को भरने के लिए चुनाव आयोजित किए जाते हैं, जिससे सदन में निरंतरता और अनुभव सुनिश्चित होता है।

–आईएएनएस

ओपी/एएस

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