तिरुवनंतपुरम, 21 सितंबर (आईएएनएस)। केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने सोमवार को बारिश से प्रभावित मलप्पुरम के लिए रवाना हुए, ताकि वांडूर और निलंबूर विधानसभा क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन में मारे गए लोगों को अंतिम श्रद्धांजलि दे सकें।
सतीशन सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे तिरुवनंतपुरम से एक निजी चार्टर्ड विमान से करिपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे, जहां बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इसके बाद राज्य के उद्योग मंत्री पीके कुन्हालीकुट्टी वापसी यात्रा में उनके साथ जाएंगे।
केरल में बारिश से संबंधित मौतों की संख्या सोमवार को बढ़कर नौ हो गई, जब मलप्पुरम के निलंबूर क्षेत्र में कोट्टापुझा नदी से तीन और शव बरामद किए गए। इलाके में अचानक आई बाढ़ में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक लापता व्यक्ति की तलाश के लिए खोज अभियान जारी है।
इडुक्की और कोट्टायम में बारिश से संबंधित घटनाओं में दो-दो लोगों की मौत हो गई। विपक्ष के नेता पिनारयी विजयन ने नौ लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया और कहा कि वह मृतकों के परिवारों और राज्य के दुख में शामिल हैं।
वहीं, विजयन ने आरोप लगाया कि बार-बार प्राकृतिक आपदाएं आने के बावजूद यूडीएफ सरकार आपदा पीड़ितों के प्रति उपेक्षा का भाव दिखा रही है।
उन्होंने कहा कि अगस्त के पहले सप्ताह में आई बाढ़ के बाद अलाप्पुझा, कोट्टायम और पथानामथिट्टा जिलों में बाढ़ पीड़ितों के लिए घोषित आपातकालीन वित्तीय सहायता अभी तक पूरी तरह से वितरित नहीं की गई है।
विजयन ने बताया कि सरकार ने बाढ़ से तत्काल राहत के तौर पर 10,000 रुपये की सहायता राशि की घोषणा की थी।
उन्होंने कहा कि कोट्टायम में आपदा पीड़ितों का विवरण एकत्र करने का काम भी पूरा नहीं हुआ है। विजयन ने यह भी आरोप लगाया कि हालांकि सरकार ने बारिश के कारण रोजगार खोने वाले लोगों के लिए सहायता की घोषणा की थी, लेकिन डेढ़ महीने बीत जाने के बावजूद सहायता के लिए आवेदन स्वीकार करना शुरू भी नहीं हुआ है।
उन्होंने मांग की कि सरकार आपदा स्थल पर वादे करने की प्रथा को तुरंत समाप्त करे और यह सुनिश्चित करे कि घोषित सहायता सभी पात्र पीड़ितों को बिना किसी देरी के वितरित की जाए।
इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा है कि हाल ही में आई बाढ़ और भूस्खलन को ट्रिगर करने वाली तीव्र वर्षा बादल फटने के कारण नहीं थी।
आईएमडी तिरुवनंतपुरम की निदेशक नीथा के. गोपाल ने कहा कि कम समय में छोटे-छोटे क्षेत्रों में हुई अत्यधिक बारिश के कारण जलस्तर में अचानक वृद्धि हुई है।
मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में सीमित क्षेत्रों में इसी तरह की तीव्र बारिश हो सकती है और लोगों तथा स्थानीय प्रशासन को पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी है।
–आईएएनएस
एसएके/पीएम
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