कोलकाता, 4 नवंबर (आईएएनएस)। कोलकाता पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बुधवार रात यूनेस्को से जुड़े त्योहार पर्यटन कार्यक्रमों से संबंधित करोड़ों रुपए के फर्जी दुर्गा पूजा पास घोटाले में एक वरिष्ठ कॉर्पोरेट अधिकारी को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान ध्रुबोज्योति बसु के रूप में हुई है, जो “मास आर्ट” नामक कॉर्पोरेट संस्था के शीर्ष अधिकारी हैं। आरोप है कि इसी संस्था के माध्यम से फर्जी पासों का विपणन और बिक्री की गई थी। बसु का नाम प्रारंभिक प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) में दर्ज था और पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी के बाद से वह पिछले सप्ताह से फरार थे।
बसु की गिरफ्तारी सेन की गिरफ्तारी के बाद चल रही जांच में कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा की गई दूसरी बड़ी कार्रवाई है। सेन गायक से राजनेता बने हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हालांकि “मास आर्ट” का आधिकारिक नेतृत्व सेन की पत्नी मधुछंदा सेन कर रही थीं, लेकिन यह संस्था पूर्व मंत्री और बसु की संयुक्त सोच का परिणाम थी। जांचकर्ताओं का आरोप है कि दोनों ने यूनेस्को महोत्सव में प्रवेश के बहाने अनधिकृत पासों का मुद्रीकरण करने के लिए संगठन के माध्यम से एक जटिल भ्रष्टाचार नेटवर्क स्थापित किया था।
मधुछंदा सेन का नाम भी एफआईआर में शामिल है। हालांकि, उन्हें कलकत्ता उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल गई है और दो दौर की पूछताछ के बावजूद वे हिरासत से बाहर हैं। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दंपति की बेटी, अवेरी सेन, और उनसे जुड़ी कॉर्पोरेट संस्थाएं सक्रिय वित्तीय और प्रशासनिक जांच के दायरे में हैं।
इंद्रनील सेन से एसआईटी द्वारा प्रतिदिन गहन पूछताछ की जा रही है। जांचकर्ताओं ने मधुछंदा सेन सहित इस मामले में नौ अन्य व्यक्तियों से भी पूछताछ की है।
सेन को 10 नवंबर को कोलकाता की निचली अदालत में पेश किया जाना है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एसआईटी आगामी अदालती सुनवाई के दौरान संभावित जमानत आवेदनों का मुकाबला करने के लिए फोरेंसिक और दस्तावेजी साक्ष्य सक्रिय रूप से जुटा रही है।
इस मामले की जांच कोलकाता पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा समानांतर रूप से की जा रही है। पिछले सप्ताह शहर पुलिस के अधिकारियों ने सेन को कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में स्थित ईडी के सॉल्ट लेक कार्यालय के बाहर से हिरासत में लिया था।
–आईएएनएस
एमएस/
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