श्रीनगर, 6 नवंबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के नाराज विधायकों के अलग गुट बनाने की कोशिशों से जुड़ी सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को विधायकों ने निराधार बताया है। विधायकों का कहना है कि पार्टी नेतृत्व ने उनकी जायज शिकायतों को सुन लिया है और उन्हें दूर करने का भरोसा दिया है।
शुक्रवार को पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ उनके गुपकार स्थित आवास पर हुई बैठक के बाद असंतुष्ट विधायकों ने मीडिया से बातचीत में यह बात कही।
गुरेज से विधायक नजीर अहमद गुरेजी ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष और उमर अब्दुल्ला के साथ उनकी मुलाकात कोई असामान्य बैठक नहीं थी, बल्कि यह नियमित राजनीतिक चर्चा का हिस्सा थी। उन्होंने कहा, “हम राजनीतिक और अन्य मुद्दों पर चर्चा करने के लिए हमेशा अपने अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला साहब और उमर साहब से मिलते रहते हैं। कुछ सोशल मीडिया समूहों ने हमारी नियमित बैठकों को असंतोष या पार्टी से अलग होने की कोशिश के रूप में पेश करने का प्रयास किया।”
गुरेजी ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। पार्टी नेतृत्व ने उनकी समस्याओं को सुना है। कुछ मुद्दों को तत्काल हल करने पर सहमति बनी है, जबकि अन्य का समाधान एक तय समयसीमा के भीतर किया जाएगा।
बैठक के बाद डॉ. फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला विधायकों के साथ मीडिया के सामने आए। दोनों नेता बैठक के नतीजों से संतुष्ट और सहज नजर आए। इस दौरान फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि अतीत में भी नेशनल कॉन्फ्रेंस को तोड़ने की कोशिशें हुई हैं, लेकिन वे नाकाम रही हैं। भविष्य में भी ऐसी कोशिशें सफल नहीं होंगी।
उन्होंने कहा, “आज हमने अपनी पार्टी के विधायकों से मुलाकात की। उन्होंने कुछ जायज मुद्दे उठाए हैं। इनमें से कुछ का समाधान तत्काल किया जाएगा, जबकि बाकी मुद्दों को तय समयसीमा के भीतर हल किया जाएगा। पार्टी एकजुट है और आगे भी एकजुट रहेगी।”
इस दौरान पूर्व मंत्री मुबारक गुल, अब्दुल मजीद लरमी, नजीर अहमद गुरेजी, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति हसनैन मसूदी, पीरजादा फारूक शाह समेत अन्य विधायक फारूक और उमर अब्दुल्ला के साथ खड़े नजर आए।
फिलहाल, पार्टी नेतृत्व और असंतुष्ट विधायकों के बीच हुई इस बैठक के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस में बगावत और अलग गुट बनने की अटकलों पर विराम लगता दिखाई दे रहा है। हालांकि, विधायकों की ओर से उठाई गई मांगों पर अब्दुल्ला परिवार कितना अमल करता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
–आईएएनएस
डीएससी
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