मैसूरु, 7 नवंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के शहरी विकास मंत्री और मैसूरु जिला प्रभारी मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया ने शनिवार को कहा कि उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कथित स्टिंग ऑपरेशन विवाद को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अपना पक्ष बता दिया है।
यतींद्र का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब सिद्धारमैया ने 6 अक्टूबर को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें ब्लैकमेल करने और उनकी छवि खराब करने के लिए कथित स्टिंग ऑपरेशन का फर्जी वीडियो और हनीट्रैप की कहानी तैयार की गई थी। उन्होंने इस मामले में मीडिया के सामने भी अपना बयान दिया था।
केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने इस स्टिंग ऑपरेशन मामले में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की भूमिका होने की आशंका जताई थी।
मैसूरु में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यतींद्र ने कहा कि सिद्धारमैया राहुल गांधी को अपना पक्ष बता चुके हैं। उन्होंने दोहराया कि वे जांच के तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचने का धैर्यपूर्वक इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं पहले ही कह चुका हूं कि हम धैर्यपूर्वक इंतजार कर रहे हैं। मुझे सरकार पर भरोसा है और विश्वास है कि जो भी इसके लिए जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सब कुछ कानून के अनुसार होगा।”
जांच का जिक्र करते हुए यतींद्र ने कहा कि बेंगलुरु पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने बताया है कि मामले में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की जा रही है।
यतींद्र ने दावा किया कि जांच में सामने आया है कि वीडियो अपलोड करने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन का संबंध दिल्ली में केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी से पाया गया है। उन्होंने कहा कि कथित स्टिंग ऑपरेशन करने वालों के साथ-साथ वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “जांच के दौरान पुलिस ने वीडियो प्रसारित करने में शामिल लोगों के बारे में जानकारी जुटाई है। स्टिंग ऑपरेशन करने वालों के साथ-साथ वीडियो प्रसारित करने वालों को भी सजा मिलनी चाहिए। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।”
यतींद्र ने कहा कि नेताओं से जुड़े आरोपों में राजनीतिक पहलू आना स्वाभाविक है। हालांकि, उन्हें जांच पर पूरा भरोसा है और विश्वास है कि मामले को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाएगा।
कुमारस्वामी के इस आरोप पर कि स्टिंग ऑपरेशन में कांग्रेस के ही कुछ अंदरूनी लोग शामिल थे, यतींद्र ने कहा कि जांच एजेंसियों को तथ्यों को सामने लाने का मौका दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “जांचकर्ताओं को अपने बयान देने दें और अदालत के सामने सभी सबूत पेश करने दें। अदालत तय करेगी कि वीडियो प्रसारित करने में उनकी कोई भूमिका थी या नहीं।”
यह पूछे जाने पर कि क्या जांच कथित स्टिंग ऑपरेशन करने वालों के बजाय वीडियो प्रसारित करने पर अधिक केंद्रित है, यतींद्र ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि जांच में मामले के सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा।
उन्होंने दोहराया कि जांच अपने तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचेगी और कथित स्टिंग ऑपरेशन करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
–आईएएनएस
डीएससी
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