कोलकाता, 18 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के तारापीठ में सोमवार सुबह हुए भीषण होटल अग्निकांड में मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। घटना के बाद से फरार होटल ‘बिदेशिनी’ के मुख्य मालिक तपस पॉल की तलाश में पुलिस ने मंगलवार को बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है।
तपस पॉल के बेटे और होटल के सह-मालिक कल्याण पॉल को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। उसे मंगलवार को बीरभूम की जिला अदालत में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की पूछताछ के लिए सरकारी वकील उसकी पुलिस हिरासत की मांग करेंगे।
कल्याण पर मुख्य आरोप है कि उसने सोमवार सुबह हादसे के तुरंत बाद आग से हुई मौतों के कारण को लेकर जांचकर्ताओं को गुमराह करने की कोशिश की।
कल्याण ने दावा किया था कि घबराहट के कारण होटल में ठहरे लोग पीछे की ओर मौजूद निकास द्वार को तलाश नहीं सके और रिसेप्शन की तरफ भागे, जहां कई लोग आग की चपेट में आ गए। हालांकि, कई होटल निवासियों ने दावा किया कि पीछे का निकास द्वार बंद था, इसलिए लोगों को बाहर निकलने के लिए रिसेप्शन की ओर भागना पड़ा।
सोमवार शाम तक आग की घटना में आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी। इनमें मेघालय के एक ही परिवार के पांच लोग शामिल थे, जो तारापीठ स्थित प्रसिद्ध मां तारा मंदिर में पूजा-अर्चना करने आए थे।
इसके बाद जलपाईगुड़ी जिले के धूपगुड़ी निवासी राजेश शर्मा की भी मौत हो गई। वह रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज करा रहे थे।
बीरभूम जिला पुलिस ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए केस दर्ज किया है। जिला पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, फोरेंसिक टीम ने होटल की समग्र सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए नमूने एकत्र किए हैं। पुलिस ने भी अपने स्तर पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
इसी बीच तारापीठ के अन्य होटल और आवासीय प्रतिष्ठानों में भी बिजली और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जाएगी।
जांच के दौरान बिजली की वायरिंग, डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड, मीटर, अर्थिंग और स्वीकृत विद्युत भार के अलावा अग्निशमन यंत्र, हाइड्रेंट, पंप, पानी की टंकियां, होज रील, फायर अलार्म, आपातकालीन रोशनी और धुआं पहचानने वाली प्रणालियों की जांच की जाएगी।
इसके साथ ही किसी आपात स्थिति में मेहमानों के सुरक्षित बाहर निकलने के लिए बनाए गए निकास मार्ग, सीढ़ियों और आपातकालीन रास्तों की भी जांच होगी। अधिकारियों द्वारा यह भी सत्यापित किया जाएगा कि संबंधित प्रतिष्ठानों के पास अग्नि सुरक्षा से जुड़े सभी जरूरी प्रमाणपत्र और मंजूरियां मौजूद हैं या नहीं।
–आईएएनएस
डीएससी
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



