हैदराबाद, 17 सितंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना के एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने एक सरकारी काम के बदले 5 लाख रुपए की रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में दो पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में अधिकारियों ने गुरुवार को जानकारी दी।
एसीबी की टीम ने आधी रात के करीब चलाए गए एक ऑपरेशन में मल्काजगिरी पुलिस कमिश्नरेट के कीसारा पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर दयापा ज्ञानेंद्र रेड्डी को 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा।
भ्रष्टाचार-रोधी एजेंसी ने बताया कि सब-इंस्पेक्टर, कीसारा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर/एसएचओ अर्कापल्ली अंजनेयुलु के कहने पर रिश्वत ले रहे थे।
एसीबी ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि आरोपी अधिकारियों ने शिकायतकर्ता से स्टेशन बेल देने और कीसारा पुलिस स्टेशन में पहले से दर्ज मामले में शिकायतकर्ता और उसके दोस्त को परेशान न करने के बदले रिश्वत मांगी और ली।
इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें न्यायिक रिमांड के लिए नामपल्ली में एसपीई और एसीबी मामलों के प्रिंसिपल स्पेशल जज के सामने पेश किया जाएगा। एसीबी ने कहा कि मामले की जांच चल रही है।
शिकायतकर्ता ने एसीबी से तब संपर्क किया जब अधिकारियों ने उसे परेशान करना और पैसे की मांग करना शुरू कर दिया। यह आरोप भी था कि शिकायतकर्ता से पिछले कुछ दिनों में बार-बार बिरयानी और कोल्ड ड्रिंक्स लाने के लिए कहा जा रहा था।
अधिकारियों ने 10 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। 5 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। इंस्पेक्टर/एसएचओ ने रिश्वत की रकम लेने की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर को सौंपी थी।
भ्रष्टाचार-रोधी एजेंसी ने जाल बिछाया और सब-इंस्पेक्टर ज्ञानेंद्र रेड्डी को तब पकड़ा जब वह गणेश विसर्जन ड्यूटी के दौरान कीसारा झील के पास एक कार में रिश्वत की रकम ले रहे थे। एसीबी अधिकारियों को देखकर एसआई ने भागने की कोशिश की लेकिन पकड़ा गया।
एसीबी अधिकारियों ने जाल बिछाने के बाद कीसारा पुलिस स्टेशन और अधिकारियों के घरों की तलाशी ली। यह ऑपरेशन डीएसपी माजिद अली खान की देखरेख में एसीबी सिटी रेंज-I ने चलाया।
एसीबी ने कहा है कि अगर कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो कानून के अनुसार कार्रवाई के लिए एसीबी के टोल-फ्री नंबर 1064 पर संपर्क किया जा सकता है। शिकायतकर्ता का नाम और विवरण गुप्त रखा जाएगा।
–आईएएनएस
एएसएच/एबीएम
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