तेलंगाना सरकार ने श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई

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हैदराबाद, 21 मई (आईएएनएस)। तेलंगाना सरकार ने पूरे राज्य में श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को कहा कि यह फैसला उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क की अध्यक्षता वाली कैबिनेट उप-समिति की सिफारिश पर लिया गया है। अकुशल मजदूरों की श्रेणी के लिए, सरकार ने न्यूनतम मज़दूरी 12,750 रुपए से बढ़ाकर 16,000 रुपए कर दी है। अर्ध-कुशल श्रेणी के लिए न्यूनतम मजदूरी 13,152 रुपए से संशोधित करके 17,000 रुपए कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने मीडिया को बताया कि कुशल मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी 13,772 रुपए से बढ़ाकर 18,500 रुपए कर…

हैदराबाद, 21 मई (आईएएनएस)। तेलंगाना सरकार ने पूरे राज्य में श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को कहा कि यह फैसला उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क की अध्यक्षता वाली कैबिनेट उप-समिति की सिफारिश पर लिया गया है।

अकुशल मजदूरों की श्रेणी के लिए, सरकार ने न्यूनतम मज़दूरी 12,750 रुपए से बढ़ाकर 16,000 रुपए कर दी है। अर्ध-कुशल श्रेणी के लिए न्यूनतम मजदूरी 13,152 रुपए से संशोधित करके 17,000 रुपए कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने मीडिया को बताया कि कुशल मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी 13,772 रुपए से बढ़ाकर 18,500 रुपए कर दी गई है जबकि अत्यधिक कुशल श्रेणी के लिए, सरकार ने मजदूरी 14,607 रुपए से बढ़ाकर 20,000 रुपए करने का फैसला किया है।

उन्होंने मजदूरों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार का यह फैसला 1 जून से लागू होगा और इससे 1.11 करोड़ मजदूरों को फायदा होगा।

सीएम ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार की लापरवाही के कारण मजदूरों को नुकसान उठाना पड़ा।

उन्होंने कहा कि सरकार ने तीन भौगोलिक जोन बनाए हैं। नगर निगमों को जोन 1, नगर पालिकाओं को जोन 2 और ग्रामीण क्षेत्रों को जोन 3 के रूप में नामित करके न्यूनतम मजदूरी संरचना निर्धारित की है।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य के गठन के बाद पहली बार विशेष रूप से मजदूरों के कल्याण के लिए कोई फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने इस संबंध में अपनी जिम्मेदारियों की अनदेखी की।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने जिम्मेदारी से काम किया और एक ऐसा फैसला लिया जो मजदूरों के सर्वोत्तम हितों को पूरा करता है।

रेवंत रेड्डी ने युवाओं को उस मानसिकता से बाहर निकलने की सलाह दी जो केवल सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) में करियर बनाने या अमेरिका में जाकर बसने पर केंद्रित है।

उन्होंने कहा कि वह शिक्षा बेकार है जिससे नौकरी न मिले या रोजगार के अवसर न मिलें। तकनीकी कौशल होने से जर्मनी, जापान और सिंगापुर जैसे कई अन्य देशों में अवसरों के अनेक द्वार खुल जाते हैं। इसी कारण से राज्य सरकार ने युवाओं को प्रोत्साहित और सशक्त बनाने के लिए ‘कौशल विश्वविद्यालय’ की स्थापना की है। युवाओं को अपना ध्यान और प्रयास इसी दिशा में केंद्रित करने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री जी. वेंकटस्वामी की सेवाओं को याद करते हुए कहा कि मजदूर नेता शब्द का जिक्र होते ही सबसे पहले वेंकटस्वामी का नाम ही जहन में आता है।

जी. वेंकटस्वामी के बेटे और प्रदेश के श्रम मंत्री विवेक वेंकटस्वामी की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके उत्तराधिकारी के तौर पर विवेक ने एक सराहनीय फैसला लिया है, जिसका मकसद मजदूर वर्ग का कल्याण करना है।

–आईएएनएस

डीकेएम/पीएम

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