पश्चिम बंगाल: तृणमूल के तीन पूर्व राज्यसभा सदस्य भाजपा में शामिल हुए

Summary :

कोलकाता, 9 जुलाई (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के तीन पूर्व राज्यसभा सदस्य गुरुवार को कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित भाजपा के राज्य मुख्यालय में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। तीनों राज्यसभा सांसदों ने पिछले महीने संसद के उच्च सदन से इस्तीफा दे दिया था। पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य समिक भट्टाचार्य ने तीनों नेताओं (सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक) का स्वागत किया और उन्हें पार्टी का झंडा सौंपा। भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि रॉय, देव और बराइक को भाजपा में शामिल होने की अनुमति देना एक अपवाद माना जाना…

कोलकाता, 9 जुलाई (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के तीन पूर्व राज्यसभा सदस्य गुरुवार को कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित भाजपा के राज्य मुख्यालय में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। तीनों राज्यसभा सांसदों ने पिछले महीने संसद के उच्च सदन से इस्तीफा दे दिया था।

पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य समिक भट्टाचार्य ने तीनों नेताओं (सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक) का स्वागत किया और उन्हें पार्टी का झंडा सौंपा।

भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि रॉय, देव और बराइक को भाजपा में शामिल होने की अनुमति देना एक अपवाद माना जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि भाजपा तृणमूल के किसी भी सदस्य के लिए अपने दरवाजे खोल देगी, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तीनों नेताओं का रिकॉर्ड बेदाग है और तृणमूल में रहते हुए उन पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं है।

राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें तेज हैं कि भाजपा आगामी राज्यसभा उपचुनावों के लिए इन तीनों नेताओं को फिर से नामांकित कर सकती है।

हालांकि, भट्टाचार्य ने इस संभावना की न तो पुष्टि की और न ही खंडन किया। उन्होंने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

रॉय ने 8 जून को राज्यसभा से इस्तीफा दिया, उसके बाद देव ने 10 जून को और बराइक ने 11 जून को इस्तीफा दिया। इस्तीफा देने के बाद बराइक ने मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी की प्रशंसा की थी, जबकि देव ने दिल्ली में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से मुलाकात की थी।

रॉय पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से काफी पहले से तृणमूल नेतृत्व के आलोचक रहे थे।

अगस्त 2024 में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक जूनियर डॉक्टर के दुष्कर्म और हत्या के मामले में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना करते हुए उन्होंने पार्टी से दूरी बना ली थी।

पार्टी में उन्हें दरकिनार कर दिया गया और अंततः उन्होंने पिछले महीने इस्तीफा दे दिया।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में मौजूदा संख्या समीकरण के अनुसार, भाजपा के उम्मीदवारों के तीनों सीटों पर जीत हासिल करने की संभावना है। विधानसभा में भाजपा के पास फिलहाल 208 विधायक हैं। भाजपा के उम्मीदवार को हराने के लिए विपक्षी उम्मीदवार को कम से कम 70 वोटों की आवश्यकता होगी।

हालांकि आधिकारिक तौर पर तृणमूल के पास 80 विधायक हैं, लेकिन उनमें से 60 निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले ‘बागी लेकिन बहुमत’ गुट के हैं, जबकि शेष 20 ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का समर्थन करते हैं।

–आईएएनएस

एमएस/

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.