Australia Terror Pakistan Connection : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत और ऑस्ट्रेलिया के मजबूत रिश्तों पर जोर दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ दोनों देशों की एकजुटता पर विशेष जोर दिया।
हालांकि इस मंच पर प्रधानमंत्री मोदी की एक लाइन ने सबका ध्यान खींच लिया। पाकिस्तान पर की गई सैन्य कार्रवाई को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “अटैक आतंकियों के अड्डे पर हो रहे थे, गूंज दुनिया में सुनाई दे रही थी।”
प्रधानमंत्री का ऑस्ट्रेलिया की धरती से दिया गया यह बयान कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सोचा-समझा संदेश है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में ऑस्ट्रेलिया भारत का एक विश्वसनीय पार्टनर है। दोनों ही देशों ने आतंकवाद का दर्द झेला है और जब भारत ने पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान पर कार्रवाई की थी, तब सिडनी और कैनबरा खुलकर भारत के पक्ष में खड़े थे।
आतंकवाद के खिलाफ ‘क्वाड’ का सुरक्षा चक्र

पीएम मोदी का यह बयान उन साझा चुनौतियों को दिखाता है जिनका सामना भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों ने किया है। ऑस्ट्रेलिया खुद कई ऐसी आतंकी साजिशें झेल चुका है, जिनके तार पाकिस्तानी मूल या पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क से जुड़े थे।
इसके अलावा, दोनों देश क्वाड (QUAD) के महत्वपूर्ण सदस्य हैं। पीएम मोदी ने साफ कर दिया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया का यह रिश्ता सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में सुरक्षा और चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए भी बेहद जरूरी है।
चीन और पाकिस्तान को कड़ा संदेश

मेलबर्न के मंच से पीएम मोदी ने भारत की ‘जीरो टॉलरेंस टू टेरर’ नीति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोहराया है। यह सीधे तौर पर चीन और पाकिस्तान के गठजोड़ को एक कड़ा संदेश है। इस बयान के जरिए ऑस्ट्रेलिया में रह रहे बड़े भारतीय समुदाय को भी यह भरोसा दिया गया है कि भारत सुरक्षा के मोर्चे पर चुप नहीं बैठने वाला है और वैश्विक मंच पर वह बिल्कुल अकेला नहीं है।
ऑस्ट्रेलिया में आतंकवाद और पाकिस्तान कनेक्शन

ऑस्ट्रेलिया में पाकिस्तानी मूल की एक बड़ी आबादी रहती है, लेकिन पिछले कुछ सालों में सुरक्षा एजेंसियों ने कई ऐसे मामले पकड़े हैं जिनके तार सीधे पाकिस्तान से जुड़े थे। साल 2017 में सिडनी में दो पाकिस्तानी मूल के संदिग्ध भाइयों ने आतंकी संगठन ISIS के इशारे पर एतिहाद विमान को बम से उड़ाने की बड़ी साजिश रची थी, जिसे वक्त रहते नाकाम कर दिया गया।
वहीं साल 2025 में सिडनी के मशहूर बॉन्डी beach पर हुए हमले का आरोपी नावेद अकरम भी पाकिस्तानी मूल का निकला, जिसके ISIS नेटवर्क से जुड़े होने की पुष्टि ऑस्ट्रेलियाई खुफिया एजेंसी (ASIO) ने की। इसके अलावा, वहां की एजेंसियां लगातार लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों के बढ़ते प्रभाव को लेकर चेतावनी देती रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह ताजा बयान उसी धरती से आया है जो खुद आतंकवाद के इन जख्मों को झेल चुकी है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय मंच से दिया गया यह बयान दिखाता है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया सिर्फ व्यापारिक साझीदार नहीं हैं, बल्कि सुरक्षा के मोर्चे पर भी एक-दूसरे के साथ मजबूती से खड़े हैं। पीएम मोदी ने इस मंच के जरिए दुनिया को दोनों देशों की गहरी रणनीतिक दोस्ती और आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने के पक्के इरादे का एक बड़ा उदाहरण पेश किया है।
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