चेन्नई, 2 जून (आईएएनएस)। स्कूल फीस वसूली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तमिलनाडु के निजी स्कूल निदेशालय ने राज्य के सभी निजी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे 5 जून तक अपनी स्वीकृत ट्यूशन फीस की जानकारी स्कूल के नोटिस बोर्ड और आधिकारिक वेबसाइट पर साफ तौर पर प्रदर्शित करें।
यह निर्देश तमिलनाडु में चल रहे नर्सरी, प्राइमरी, मैट्रिकुलेशन, सीबीएसई और अन्य प्राइवेट बोर्ड स्कूलों पर लागू होता है।
यह आदेश तमिलनाडु सूचना आयोग के हालिया फैसले के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि स्कूल का फीस ढांचा भी अपनी तरह की एक सार्वजनिक जानकारी है और इसे अभिभावकों और आम जनता के लिए उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
सूचना आयोग ने 29 मई को जारी अपने आदेश में प्राइवेट स्कूल निदेशालय को निर्देश दिया कि वह इस आदेश का पालन सुनिश्चित करे और 15 जून तक एक रिपोर्ट जमा करे।
इस निर्देश पर कार्रवाई करते हुए, विभाग ने अब स्कूलों और जिला-स्तरीय अधिकारियों को तत्काल इसे लागू करने के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।
आदेश के अनुसार, स्कूल प्रबंधन और प्रिंसिपल को फीस निर्धारण समिति द्वारा अनुमोदित ट्यूशन फीस को इस तरह से प्रदर्शित करना होगा जो अभिभावकों और आम जनता को स्पष्ट रूप से दिखाई दे।
स्कूल के नोटिस बोर्ड पर जानकारी प्रदर्शित करने के अलावा, संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि वे अनुमोदित फीस का विवरण अपनी-अपनी वेबसाइटों पर भी प्रकाशित करें।
निदेशालय ने स्कूलों के लिए यह भी अनिवार्य कर दिया है कि वे छात्रों के प्रवेश आवेदन पत्रों में कक्षा-वार ट्यूशन फीस का विवरण शामिल करें।
अधिकारियों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अभिभावक अपने बच्चों के लिए प्रवेश लेने से पहले अनुमोदित फीस ढांचे के बारे में पूरी तरह से अवगत हों।
आदेश के पालन की निगरानी के लिए, जिला शिक्षा अधिकारियों (प्राइवेट स्कूल) को निर्देश दिया गया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले स्कूलों का निरीक्षण करें और यह सत्यापित करें कि आदेशों को लागू किया गया है या नहीं।
उन्हें 10 जून या उससे पहले निदेशालय को आदेश के पालन से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा गया है।
सत्यापन प्रक्रिया के हिस्से के रूप में, स्कूलों को अनुमोदित फीस ढांचे के प्रदर्शन को दर्शाने वाले फोटोग्राफिक साक्ष्य (तस्वीरें) उपलब्ध कराने होंगे।
निदेशालय इन अभिलेखों को आदेश के कार्यान्वयन और पालन के प्रमाण के रूप में अपने पास सुरक्षित रखेगा।
प्राइवेट स्कूलों की निदेशक एस. सुगन्या ने चेतावनी दी कि इस आदेश का पालन बिना किसी अपवाद के किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो स्कूल इस निर्देश का पालन करने में विफल रहेंगे, उन्हें सरकारी नोटिसों और सरकार की ओर से आगे की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
शिक्षा अधिकारियों का मानना है कि यह उपाय स्कूलों द्वारा फीस वसूली में स्पष्टता की कमी को लेकर अभिभावकों से मिलने वाली लगातार शिकायतों को दूर करने में मदद करेगा और पूरे तमिलनाडु में प्राइवेट शिक्षण संस्थानों के बीच अधिक जवाबदेही को बढ़ावा देगा।
–आईएएनएस
एससीएच/एएस
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