तमिलनाडु में शराब और बीयर हो सकती है महंगी, अगले हफ्ते से नई कीमतें लागू होने की संभावना

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चेन्नई, 8 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु सरकार तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन (टीएएसएमएसी) की दुकानों पर बिकने वाली शराब और बीयर की खुदरा कीमतें बढ़ाने पर विचार कर रही है। इस संबंध में अगले दो दिनों के भीतर आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो नई कीमतें अगले सप्ताह से पूरे राज्य में लागू हो जाएंगी। टीएएसएमएसी राज्य में शराब की बिक्री करने वाली एकमात्र सरकारी संस्था है। फिलहाल तमिलनाडु में इसकी 4,048 शराब की दुकानें संचालित हो रही हैं। इन दुकानों से इंडियन मेड फॉरेन लिकर (आईएमएफएल), बीयर, वाइन और आयातित शराब की बिक्री होती…

चेन्नई, 8 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु सरकार तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन (टीएएसएमएसी) की दुकानों पर बिकने वाली शराब और बीयर की खुदरा कीमतें बढ़ाने पर विचार कर रही है।

इस संबंध में अगले दो दिनों के भीतर आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो नई कीमतें अगले सप्ताह से पूरे राज्य में लागू हो जाएंगी।

टीएएसएमएसी राज्य में शराब की बिक्री करने वाली एकमात्र सरकारी संस्था है। फिलहाल तमिलनाडु में इसकी 4,048 शराब की दुकानें संचालित हो रही हैं। इन दुकानों से इंडियन मेड फॉरेन लिकर (आईएमएफएल), बीयर, वाइन और आयातित शराब की बिक्री होती है। इनकी बिक्री से राज्य सरकार को औसतन 150 करोड़ रुपए प्रतिदिन का राजस्व प्राप्त होता है, जिससे यह सरकार की सबसे बड़ी आय के स्रोतों में से एक है।

टीएएसएमएसी अधिकारियों के मुताबिक, प्रस्तावित संशोधन के तहत सामान्य और मिड-रेंज शराब ब्रांडों के साथ-साथ बीयर की कीमत में प्रति बोतल 10 रुपए से 50 रुपए तक की बढ़ोतरी हो सकती है। यह बढ़ोतरी शराब की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग होगी। प्रस्तावित मूल्य वृद्धि के दायरे में व्हिस्की, ब्रांडी, रम और वोडका जैसे लोकप्रिय आईएमएफएल ब्रांड भी शामिल किए जाने की संभावना है।

हाल ही में हुई टीएएसएमएसी प्रबंधन बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की गई। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है और कीमतों में कितनी बढ़ोतरी होगी, इस पर विचार जारी है।

सूत्रों के अनुसार, बुधवार या गुरुवार को एक उच्चस्तरीय बैठक होने की संभावना है, जिसमें अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। यदि यह फैसला लागू होता है, तो 1 फरवरी 2024 के बाद यह तमिलनाडु में शराब की कीमतों में पहली बढ़ोतरी होगी।

अधिकारियों ने बताया कि शराब और बीयर बनाने वाली कंपनियां लंबे समय से कीमतें बढ़ाने की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि राज्य सरकार द्वारा आईएमएफएल और बीयर की हर खेप (कार्टन) पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने के बाद उनकी लागत काफी बढ़ गई है।

निर्माताओं का तर्क है कि उत्पादन और वितरण लागत पहले ही बढ़ चुकी है और अतिरिक्त अधिभार ने उन पर आर्थिक बोझ और बढ़ा दिया है। इसलिए वे खुदरा कीमतों में वृद्धि की मांग कर रहे हैं, ताकि बढ़ी हुई लागत की भरपाई हो सके।

हालांकि सरकार ने शुरुआत में इस मांग को स्वीकार नहीं किया था, लेकिन बाद में इस मुद्दे पर टीएएसएमएसी प्रबंधन समिति में विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में भविष्य में शराब की खुदरा बिक्री निजी कंपनियों को सौंपने की संभावना पर भी विचार किया गया। लेकिन वित्त विभाग ने इस प्रस्ताव का विरोध किया। विभाग का मानना है कि यदि निजी कंपनियों को खुदरा बिक्री की अनुमति दी गई, तो इससे राज्य सरकार के शराब से होने वाले राजस्व पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

–आईएएनएस

वीकेयू/पीएम

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