Nuh Infant Death Case : हरियाणा के नूंह से मंगलवार को चार महीने पहले दफनाए गए एक 5 महीने के मासूम का शव कब्र खोदकर बाहर निकाला गया। यह खौफनाक कदम किसी अंधविश्वास में नहीं, बल्कि न्याय की गुहार पर पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश के बाद उठाया गया।
यह पूरा मामला रोंगटे खड़े करने वाला है। आरोप है कि बीमा की रकम हड़पने के लिए सगी मां ने ही अपने बच्चे की जान ले ली। और इस संदेहों को देखते हुए बच्चे के दादा की शिकायत पर अब पुलिस मेडिकल बोर्ड के जरिए मौत का असली सच खंगाल रही है।
क्या था पूरा मामला

मामला साल 2023 में शुरू हुआ था, जब सुख के रहने वाले शमशाद के बेटे साहिल का निकाह नूंह की अफसाना से हुआ। पिछले ही साल 6 सितंबर को एक सड़क हादसे में साहिल की मौत हो गई, जिसके चंद दिनों बाद 12 अक्टूबर को अफसाना ने बेटे मोहम्मद आहिल को जन्म दिया।
बच्चे के जन्म के 12 दिन बाद महिला अपने मायके जैताका गांव चली गई। इस साल 24 मार्च को अचानक शमशाद को फोन आया कि उनके पोते की मौत हो गई है, जिसके बाद उन्होंने बच्चे को सौंख गांव में दफना दिया।
इंश्योरेंस क्लेम का मसला?
बच्चे के दादा शमशाद का दावा है कि उनके बेटे साहिल का एक्सीडेंट लाइफ इंश्योरेंस का क्लेम कोर्ट में चल रहा है। इसी मोटी रकम पर कब्जा करने की नीयत से अफसाना, उसके पिता और भाई ने मिलकर मासूम की हत्या की। स्थानीय नगीना थाने में जब सुनवाई नहीं हुई, तो दादा ने अदालत का रुख किया।
पुलिस का बयान

बता दें, 7 जुलाई को बच्चे के शव को निकालकर नल्हड़ मेडिकल कॉलेज भेजा गया। मामले पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अदालत के आदेश के अनुसार बच्चे के शव को कब्र से निकालकर नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया और बाद में शव परिजनों को सौंप दिया गया। मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मौत का वास्तविक कारण रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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