कोलकाता/चेन्नई, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव प्रचार समाप्त होने से पहले पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव प्रचार तेज हो गया है। भारतीय चुनाव आयोग द्वारा शाम 6 बजे चुनाव प्रचार समाप्त करने के आदेश के बाद पार्टियां अंतिम घंटों में रैलियां, रोड शो और जनसभाएं आयोजित करके कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं।
दोनों राज्यों में चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में जोरदार अभियान चल रहे हैं। राजनीतिक दल मतदाताओं से जुड़ने और अपना समर्थन आधार मजबूत करने के लिए आक्रामक प्रयास कर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल में भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों सहित भाजपा के वरिष्ठ नेता व्यापक प्रचार कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी राज्य भर में घूम-घूम कर कई रैलियों को संबोधित कर रही हैं। तृणमूल के अन्य नेता भी पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे हैं।
राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कांग्रेस नेता पश्चिम बंगाल के विभिन्न स्थानों पर जनसभाएं कर रहे हैं।
कुल्टी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ममता दीदी को बंगाल के युवाओं की कोई परवाह नहीं है। मैं आज कुल्टी में कह रहा हूं कि आपका सपना पूरा नहीं होगा। कोई भी बाहरी व्यक्ति कभी बंगाल का मुख्यमंत्री नहीं बनेगा। मैं आपको स्पष्ट रूप से बता रहा हूं कि केवल बंगाल में जन्मा, बंगाली भाषी व्यक्ति ही बंगाल का मुख्यमंत्री बनेगा।
बिष्णुपुर में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भाजपा उम्मीदवार शुक्ला चटर्जी के समर्थन में नेशनल क्लब ग्राउंड से रोड शो किया। भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने जलपाईगुड़ी में पार्टी उम्मीदवार दलीम रॉय के लिए प्रचार करते हुए मैनागुड़ी में एक जनसभा को संबोधित किया।
तामलुक में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने मतदाताओं से अपील की कि वे दशकों तक अन्य पार्टियों का समर्थन करने के बाद भाजपा को पांच साल के लिए सत्ता में आने का मौका दें। वहीं, आसनसोल में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्र पाल के लिए प्रचार किया और आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में रोड शो किए।
पश्चिम बंगाल में पहले चरण का चुनाव 23 अप्रैल को होगा, जबकि दूसरे चरण का चुनाव 29 अप्रैल को निर्धारित है।
तमिलनाडु में भी चुनाव प्रचार गतिविधियों में इसी तरह की तेजी देखी गई।
कोयंबटूर में, डीएमके उम्मीदवार कविता कल्याणा सुंदरम ने मेट्टुपालयम विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार किया। तिरुचिरापल्ली में, एआईएडीएमके उम्मीदवार राजशेखरन ने तिरुचिरापल्ली पूर्व निर्वाचन क्षेत्र में प्रचार किया, जहां वे टीवीके प्रमुख विजय के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।
तिरुवरूर में टीवीके उम्मीदवार पांडियन ने 500 से अधिक समर्थकों के साथ शहर भर में एक विशाल रैली निकाली और अंतिम दिन के चुनाव प्रचार को तेज किया। चेन्नई में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भाजपा और उसके गठबंधन सहयोगियों के लिए प्रचार किया और राज्य में एनडीए की संभावनाओं पर विश्वास व्यक्त किया।
तमिलनाडु में 234 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 अप्रैल को मतदान होगा और मतगणना 4 मई को निर्धारित है। जैसे-जैसे चुनाव प्रचार समाप्त हो रहा है, प्रमुख राजनीतिक दलों की चुनाव रणनीति और उसकी प्रभावशीलता की स्पष्ट तस्वीर उभर रही है।
चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा नेताओं ने डीएमके सरकार की आलोचना करते हुए कुप्रबंधन का आरोप लगाया और दावा किया कि वंशवादी राजनीति ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंच गई है। एआईएडीएमके नेता एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने डीएमके सरकार पर बिगड़ती कानून व्यवस्था और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में वृद्धि का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता ने सत्ताधारी दल को नकार दिया है।
–आईएएनएस
एमएस/
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