मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार पीएम मोदी से मिले सम्राट चौधरी, ‘समृद्ध बिहार’ पर हुई चर्चा

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नई दिल्ली, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के कुछ दिनों बाद सम्राट चौधरी ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार मुलाकात की। सीएम बनने के बाद पहली बार सम्राट चौधरी राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे और प्रधानमंत्री से मुलाकात की है। इस दौरान ‘समृद्ध बिहार’ पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी गई। पीएमओ की तरफ से पीएम मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच हुई मुलाकात की तस्वीरों को भी साझा किया गया है। वहीं, सम्राट चौधरी ने…

नई दिल्ली, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के कुछ दिनों बाद सम्राट चौधरी ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार मुलाकात की। सीएम बनने के बाद पहली बार सम्राट चौधरी राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे और प्रधानमंत्री से मुलाकात की है। इस दौरान ‘समृद्ध बिहार’ पर चर्चा की गई।

प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी गई। पीएमओ की तरफ से पीएम मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच हुई मुलाकात की तस्वीरों को भी साझा किया गया है।

वहीं, सम्राट चौधरी ने पीएम मोदी से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आज नई दिल्ली में शिष्टाचार मुलाकात की। ‘विकसित भारत और समृद्ध बिहार’ के विजन पर मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। प्रधानमंत्री का स्नेह एवं सहयोग बिहार की प्रगति को नई गति प्रदान कर रहा है।”

सूत्रों के मुताबिक, बिहार सीएम के इस दिल्ली दौरे के दौरान राज्य में होने वाले संभावित मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा हो सकती है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इसमें भाजपा कोटे से मंत्रियों के नामों पर अंतिम मुहर लग सकती है। वर्तमान में बिहार सरकार का मंत्रिमंडल अधूरा है और इसे जल्द से जल्द विस्तार देने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

राज्य में मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री ने ही शपथ ली थी। जनता दल (यूनाइटेड) की ओर से बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय चौधरी को डिप्टी सीएम बनाया गया, जबकि भाजपा कोटे से अभी तक किसी भी विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया।

बिहार में कुल 33 मंत्रियों का प्रावधान है, लेकिन अभी तक एक भी पूर्ण मंत्रिमंडल का गठन नहीं हो सका है। ऐसे में नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती जल्द से जल्द कैबिनेट का विस्तार कर राज्य के विकास को गति देना है।

बता दें कि 24 अप्रैल को बिहार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सदन में विश्वास मत प्रस्ताव पेश करेंगे और अपनी सरकार के बहुमत को साबित करने की कोशिश करेंगे।

–आईएएनएस

एएमटी/एबीएम

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