दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर हत्याकांड में बड़ा खुलासा, हत्या वाले दिन घर में दिखे थे दो नकाबपोश

Summary :

नई दिल्ली, 5 जून (आईएएनएस)। दिल्ली यूनिवर्सिटी की सहायक प्रोफेसर देबस्मिता पॉल हत्याकांड की जांच में एक बड़ा खुलासा सामने आया है। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, हत्या वाले दिन यानी 3 जून को एक युवक और एक युवती चेहरे पर मास्क लगाए हुए और हाथों में बैग लेकर उनके घर पहुंचे थे। दोनों करीब आधे घंटे तक फ्लैट के अंदर रहे और फिर वहां से निकल गए। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उनकी मौजूदगी हत्या से पहले की थी या फिर हत्या के बाद की। शिवाजी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद…

नई दिल्ली, 5 जून (आईएएनएस)। दिल्ली यूनिवर्सिटी की सहायक प्रोफेसर देबस्मिता पॉल हत्याकांड की जांच में एक बड़ा खुलासा सामने आया है। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, हत्या वाले दिन यानी 3 जून को एक युवक और एक युवती चेहरे पर मास्क लगाए हुए और हाथों में बैग लेकर उनके घर पहुंचे थे।

दोनों करीब आधे घंटे तक फ्लैट के अंदर रहे और फिर वहां से निकल गए। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उनकी मौजूदगी हत्या से पहले की थी या फिर हत्या के बाद की।

शिवाजी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत देबस्मिता पॉल का शव गुरुवार को पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट के एक फ्लैट में मिला था। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि उनकी हत्या 3 जून को ही हुई थी।

सूत्रों के मुताबिक, 3 जून की दोपहर करीब 3:20 बजे एक निजी कैब से एक युवक और एक युवती अपार्टमेंट पहुंचे। कैब चालक बाहर ही रुका रहा, जबकि दोनों बैग लेकर इमारत के अंदर चले गए। सीसीटीवी फुटेज में दोनों को लिफ्ट का इस्तेमाल करने के बजाय सीढ़ियों से फ्लैट की ओर जाते हुए देखा गया।

जांचकर्ताओं का मानना है कि दोनों करीब आधे घंटे तक फ्लैट के अंदर रहे। सूत्रों का दावा है कि जब वे बाहर निकले तो उनके कपड़े पहले से अलग दिखाई दे रहे थे। इसी वजह से पुलिस अब उनकी भूमिका को लेकर गंभीरता से जांच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने कैब चालक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया और यात्रा से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों को इकट्ठा कर रही है।

घटनास्थल की शुरुआती जांच में जबरन प्रवेश के कोई निशान नहीं मिले हैं। इससे पुलिस को शक है कि देबस्मिता पॉल हमलावरों को जानती थीं और उन्होंने खुद उन्हें घर में प्रवेश करने दिया होगा। जांच एजेंसियां इसे ‘फ्रेंडली एंट्री’ की संभावना के रूप में देख रही हैं।

देबस्मिता अपनी बहन के फ्लैट में अकेली रह रही थीं। वर्ष 2022 में वैवाहिक विवाद के बाद उनका अपने पति से अलगाव हो गया था। उनके पति वर्तमान में बेंगलुरु में रहते हैं।

मामले का खुलासा तब हुआ जब उनकी बहन देवरती पॉल ने कई बार फोन करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिलने पर फ्लैट पहुंचने का फैसला किया। फ्लैट बाहर से बंद मिला। अंदर जाने पर उन्होंने देबस्मिता पॉल को खून से लथपथ हालत में पाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी।

पुलिस के अनुसार, प्रोफेसर के सिर पर किसी भारी वस्तु से गंभीर चोट पहुंचाई गई थी। उनकी कलाई पर भी चोट के निशान मिले हैं। मौत के सही कारण और समय का पता लगाने के लिए लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

फिलहाल पुलिस पड़ोसियों, घरेलू कर्मचारियों और मामले से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है।

–आईएएनएस

वीकेयू/एबीएम

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.