श्रीनगर, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कहा है कि जल्द ही जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा मिल सकता है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि केंद्र सरकार इस केंद्र शासित प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले रविवार को श्रीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। आठवले ने कहा कि निकट भविष्य में जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को केंद्र शासित प्रदेश को राज्य का दर्जा देने के वादे से अवगत हैं।
आठवले ने कहा कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए प्रयास कर रही है और राजनीतिक मतभेदों का असर फंड के आवंटन या विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन पर नहीं पड़ना चाहिए।
अनुच्छेद 370 को हटाने का जिक्र करते हुए रामदास आठवले ने कहा कि इस फैसले से जम्मू-कश्मीर भारतीय संविधान के पूर्ण दायरे में आया है, जिससे इस क्षेत्र को कई संवैधानिक प्रावधानों और लाभों का विस्तार मिला है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हालात काफी बेहतर हुए हैं, हालांकि चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।
पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए आठवले ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस घटना के जवाब में कदम उठाए हैं और पाकिस्तान से आतंकवाद का समर्थन बंद करने को कहा है। उन्होंने कहा, “जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने के बजाय अपनी अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के लोग भी भारत के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहते हैं, लेकिन राजनीतिक हितों के कारण दोनों देश सामान्य स्थिति की ओर नहीं बढ़ पा रहे हैं।”
अठावले ने कहा कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर को सहायता देने के लिए तैयार है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से आग्रह किया कि वे क्षेत्र की विकासात्मक जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रस्ताव तैयार करें।
आठवले ने कहा कि पिछली यात्राओं के दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर के कई जिलों का दौरा किया था और लोगों की चिंताओं को समझने के लिए उनसे बातचीत जारी रखी। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार इस क्षेत्र की प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है और विकास योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर लोगों तक पहुंचना चाहिए।
–आईएएनएस
डीसीएच/
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