उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन 29 मई से कर्नाटक, गोवा और केरल की तीन-दिवसीय यात्रा पर

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नई दिल्ली, 29 मई (आईएनएस)। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन शुक्रवार से कर्नाटक, गोवा और केरल की तीन दिवसीय यात्रा पर जाएंगे, जहां वे आधिकारिक कार्यक्रमों के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक समारोहों में भी शामिल होंगे। शुक्रवार को, उपराष्ट्रपति कर्नाटक के बेंगलुरु में ‘आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन’ के 45 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित वैश्विक समारोह में शामिल होंगे। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उसी दिन बाद में, वे कर्नाटक के दावणगेरे में ‘यूनिवर्सिटी बीडीटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग’ के प्लेटिनम जुबली समारोह में शामिल होंगे। 30 मई को, उपराष्ट्रपति पणजी में गोवा के ‘राज्य स्थापना दिवस’ समारोह में हिस्सा लेंगे।…

नई दिल्ली, 29 मई (आईएनएस)। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन शुक्रवार से कर्नाटक, गोवा और केरल की तीन दिवसीय यात्रा पर जाएंगे, जहां वे आधिकारिक कार्यक्रमों के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक समारोहों में भी शामिल होंगे।

शुक्रवार को, उपराष्ट्रपति कर्नाटक के बेंगलुरु में ‘आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन’ के 45 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित वैश्विक समारोह में शामिल होंगे।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उसी दिन बाद में, वे कर्नाटक के दावणगेरे में ‘यूनिवर्सिटी बीडीटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग’ के प्लेटिनम जुबली समारोह में शामिल होंगे।

30 मई को, उपराष्ट्रपति पणजी में गोवा के ‘राज्य स्थापना दिवस’ समारोह में हिस्सा लेंगे। उसी दिन बाद में, वे गोवा स्थित ‘सीएसआईआर–नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशनोग्राफी’ का दौरा करेंगे।

31 मई को, उपराष्ट्रपति ‘श्री क्षेत्र धर्मस्थल मंजुनाथ स्वामी मंदिर’ के दर्शन करेंगे। वे कर्नाटक के बेल्थंगडी में ‘एसआईआरआई इंडस्ट्रियल पार्क’ का उद्घाटन भी करेंगे।

उसी दिन बाद में, उपराष्ट्रपति केरल का दौरा करेंगे, जहां वे कोट्टायम में ‘दीपिका मलयालम डेली’ की 140वीं वर्षगांठ के समारोह का उद्घाटन करेंगे।

बयान में कहा गया है कि वे कन्नूर भी जाएंगे, जहां वे संसद सदस्य (राज्यसभा) सी. सदानंदन मास्टर द्वारा आयोजित एक निजी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।

पिछले सप्ताह, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने राज्यसभा के सभापति के तौर पर, भाजपा सदस्य राघव चड्ढा को उच्च सदन की ‘याचिका समिति’ का नया अध्यक्ष नियुक्त किया।

इस समिति का पुनर्गठन 20 मई को किया गया था, जिसके अन्य सदस्यों में जेबी माथेर हिशाम, हर्ष महाजन, गुलाम अली, मयंक कुमार नायक, मस्तान राव यादव बीधा, सुभाशीष खुंटिया, र्वंग्रा नारजरी, संतोष कुमार पी. और शंभू शरण पटेल शामिल हैं।

चड्ढा को यह अहम जिम्मेदारी, उच्च सदन के छह अन्य सांसदों के साथ, ‘आम आदमी पार्टी’ (आप) छोड़कर हाल ही में ‘भारतीय जनता पार्टी’ (भाजपा) में शामिल होने के कुछ ही समय बाद मिली है।

अप्रैल में, राज्यसभा के सात सांसदों, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, विक्रम साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता, ने ‘आप’ छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। इससे ‘आप’ को एक बड़ा झटका लगा, क्योंकि उच्च सदन में उसकी सीटों की संख्या 10 से घटकर महज तीन रह गई थी।

इसके तुरंत बाद, चड्ढा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की और पंजाब में ‘आप’ के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा सरकारी संसाधनों के कथित दुरुपयोग का मुद्दा उठाया।

–आईएएनएस

एससीएच/एएस

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