ओडिशा: विजिलेंस ने पूर्व प्रिंसिपल को 73.44 लाख रुपए के गबन के आरोप में गिरफ्तार किया

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भुवनेश्वर, 26 अगस्त (आईएएनएस)। ओडिशा विजिलेंस ने बुधवार को संबलपुर जिले के रेंगाली ब्लॉक में स्थित दुतिका साहू कॉलेज, लाइडा के पूर्व प्रभारी प्रिंसिपल को 73.44 लाख रुपए के सरकारी फंड के गबन के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोपी, बसंत कुमार नाइक, अभी उसी संस्थान में पॉलिटिकल साइंस के लेक्चरर के तौर पर काम कर रहे हैं। विजिलेंस डिपार्टमेंट के अनुसार, कथित वित्तीय अनियमितताएं 2019-20 और 2024-25 के फाइनेंशियल ईयर के बीच नाइक के प्रभारी प्रिंसिपल रहने के दौरान हुईं। गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने उन्हें संबलपुर में विजिलेंस के स्पेशल जज की अदालत में पेश किया। जांच में पता…

भुवनेश्वर, 26 अगस्त (आईएएनएस)। ओडिशा विजिलेंस ने बुधवार को संबलपुर जिले के रेंगाली ब्लॉक में स्थित दुतिका साहू कॉलेज, लाइडा के पूर्व प्रभारी प्रिंसिपल को 73.44 लाख रुपए के सरकारी फंड के गबन के आरोप में गिरफ्तार किया।

आरोपी, बसंत कुमार नाइक, अभी उसी संस्थान में पॉलिटिकल साइंस के लेक्चरर के तौर पर काम कर रहे हैं। विजिलेंस डिपार्टमेंट के अनुसार, कथित वित्तीय अनियमितताएं 2019-20 और 2024-25 के फाइनेंशियल ईयर के बीच नाइक के प्रभारी प्रिंसिपल रहने के दौरान हुईं। गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने उन्हें संबलपुर में विजिलेंस के स्पेशल जज की अदालत में पेश किया।

जांच में पता चला कि नाइक ने कॉलेज में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के कामों के लिए मंजूर फंड को बिना काम किए ही हड़प लिया था। जांच में अनियमितताएं भी सामने आईं, जिनमें गलत बिलिंग और फंड मंजूर होने के बावजूद संस्थान के लिए उपकरण न मिलना शामिल है।

विजिलेंस ने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज में ऑटोमेशन और डिजिटल मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर लागू करने के बहाने सरकारी ग्रांट का गलत इस्तेमाल किया गया। इस मामले के संबंध में, संबलपुर विजिलेंस पुलिस स्टेशन ने नाइक के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 13(2) और 13(1)(ए) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 316(5) और 61(2) के तहत केस नंबर 13/26 दर्ज किया।

विभाग ने कहा कि कथित गबन में 2019-20 से 2024-25 की अवधि के दौरान 73,44,950 रुपए का पब्लिक फंड शामिल था।

भ्रष्टाचार के एक और मामले में, केंदुझार जिले की विजिलेंस कोर्ट ने भुवनेश्वर के कैपिटल हॉस्पिटल में सीनियर क्लर्क के तौर पर तैनात संग्राम पटनायक को दो साल की सख्त कैद की सजा सुनाई है। उन्हें केंदुझार के पद्मपुर कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में जूनियर क्लर्क के तौर पर काम करते हुए 1999-2003 के दौरान हेल्थ वर्कर्स के जीपीएफ रिफंड के पैसे का गलत इस्तेमाल करने का दोषी पाया गया था।

आरोप है कि ये पैसे हेल्थ वर्कर्स की सैलरी से तो काटे गए थे, लेकिन ओडिशा, भुवनेश्वर के अकाउंटेंट जनरल (एजी) के पास जमा नहीं किए गए थे।

विजिलेंस ने कहा है कि वह सर्विस नियमों के तहत पटनायक के खिलाफ उचित कार्रवाई के लिए सक्षम अधिकारी से संपर्क करेगी। दोषी ठहराए जाने के कारण उन्हें सरकारी नौकरी से बर्खास्त करने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।

–आईएएनएस

एमएस/

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IANS Agency

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