कोलकाता, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के तहत गुरुवार को 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान जारी है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही है।
सिलीगुड़ी विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार और सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब ने अपना वोट डालने के बाद मतदान व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा, “मैंने अपना वोट डाल दिया है, लेकिन देर रात हमें जानकारी मिली कि कई रेलवे कर्मचारियों को रिजर्व ड्यूटी से हटाकर अलीपुरद्वार भेज दिया गया। हमने इसका विरोध किया है, क्योंकि उन्हें अपने मतदान के लिए बैलेट नहीं दिया गया है।”
वहीं नंदीग्राम सीट से टीएमसी उम्मीदवार पवित्र कर ने मतदान प्रक्रिया को काफी हद तक सुचारु बताया। उन्होंने कहा, “यह हमारी परंपरा और संस्कृति का हिस्सा है। कहीं भी मतदान में कोई बड़ी समस्या नहीं है, बस इक्का-दुक्का छोटी परेशानियां हैं।”
राज्य में इस बार मतदान के दौरान सख्त पहचान जांच प्रक्रिया लागू की गई है। मतदाताओं को पहले मतदान केंद्र के प्रवेश द्वार पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों द्वारा जांच से गुजरना पड़ रहा है। इसके बाद बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा दोबारा पहचान सत्यापन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था मतदान को निष्पक्ष और सुचारू बनाने के लिए लागू की गई है।
हालांकि शुरुआती घंटों में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही, लेकिन कुछ मतदान केंद्रों से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में खराबी की छिटपुट खबरें भी सामने आईं। चुनाव आयोग के अधिकारी इन तकनीकी समस्याओं पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि उन्हें जल्द से जल्द ठीक किया जा सके।
पहले चरण का यह मतदान काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसे पूरे चुनाव के रुझान का संकेतक माना जा रहा है। सभी प्रमुख राजनीतिक दल मतदान प्रतिशत और बूथ स्तर की स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं।
राज्य में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को बाकी 142 सीटों पर होगा, जबकि मतगणना 4 मई को निर्धारित की गई है।
–आईएएनएस
वीकेयू/एएस
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