तिरुवनंतपुरम, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। केरल विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक माहौल शांत होने लगा है, लेकिन मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की सार्वजनिक रूप से गैरमौजूदगी अब चर्चा का बड़ा विषय बन गई है।
सरकार की ओर से आखिरी आधिकारिक जानकारी में बताया गया था कि विजयन ने चेन्नई के एक निजी अस्पताल में मोतियाबिंद की सर्जरी कराई है और फिलहाल स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।
हालांकि, इसके बाद उनकी कोई सार्वजनिक उपस्थिति या विस्तृत स्वास्थ्य अपडेट सामने नहीं आया, जिससे राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर अटकलों का दौर शुरू हो गया है।
विपक्ष ने भी इस मुद्दे को तुरंत उठाया है। चुनाव प्रचार के दौरान विजयन ने केरल की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को देश के लिए मॉडल बताते हुए उसकी उपलब्धियों का जिक्र किया था। ऐसे में इलाज के लिए राज्य से बाहर जाने के उनके फैसले पर विरोधी सवाल खड़े कर रहे हैं।
हालांकि, सरकार की तरफ से किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत नहीं दिया गया है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने पिछले सप्ताह ऑनलाइन कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता भी की थी, जिससे साफ है कि प्रशासनिक कामकाज जारी है।
अगले महीने 81 साल के होने जा रहे विजयन अभी भी केरल की राजनीति के केंद्र में हैं। वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को भरोसा है कि उनके नेतृत्व में गठबंधन लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटकर इतिहास रच सकता है।
वहीं, विपक्षी कांग्रेस पार्टी भी अंदरूनी चुनौतियों से जूझ रही है। चुनाव परिणामों का इंतजार करते हुए पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर चर्चा तेज हो गई है, जिससे पुराने मतभेद फिर सामने आते दिख रहे हैं।
ऐसे राजनीतिक माहौल में मुख्यमंत्री की चुप्पी और कम प्रोफाइल ने रहस्य को और बढ़ा दिया है। यह सिर्फ स्वास्थ्य कारणों से लिया गया विराम है या फिर रणनीतिक दूरी, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।
अगले सोमवार मतगणना पूरी होने के बाद तस्वीर साफ हो जाएगी कि विजयन और उनकी पार्टी सीपीआई(एम) के लिए आगे का रास्ता क्या है, क्योंकि केरल अब पार्टी का देश में आखिरी मजबूत गढ़ माना जाता है।
–आईएएनएस
डीएससी
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