Hormuz Crisis India Relief: वैश्विक ऊर्जा बाजार में असामान्य परिस्थितियों और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने की वजह से भारत में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) और कमर्शियल LPG की कीमतों पर दबाव बढ़ गया है। ATF की कीमतें, जो वर्ष 2001 से डीरिगुलेटेड हैं और अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर हर महीने तय होती हैं, 1 अप्रैल को 100% से अधिक बढ़ने की आशंका थी।
हालांकि, केंद्र सरकार ने घरेलू हवाई यात्रियों को राहत देने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के माध्यम से केवल 25% (लगभग ₹15 प्रति लीटर) की आंशिक और चरणबद्ध वृद्धि लागू की है। इसके विपरीत, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ATF की कीमतों में पूरी बढ़ोतरी लागू की गई है, जैसा कि वैश्विक बाजार में प्रचलित है। सरकार के इस कदम का उद्देश्य घरेलू हवाई यात्रा की लागत को नियंत्रित रखना और यात्रियों पर अचानक आर्थिक बोझ से बचाना है।
ATF और कमर्शियल LPG सिलेंडर में आंशिक बढोत्तरी, लेकिन उपभोक्ताओं को राहत
वहीं, कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेज उछाल है। सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस में 44% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो हॉर्मुज क्षेत्र में आपूर्ति बाधित होने के कारण हुआ है। चूंकि कमर्शियल LPG पूरी तरह से बाजार से जुड़ा (डीरिगुलेटेड) है, इसकी कीमतें वैश्विक रुझानों के अनुसार तय होती हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि घरेलू LPG उपभोक्ताओं को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है।
भारी अंडर-रिकवरी (नुकसान) उठाने के बावजूद तेल कंपनियों ने घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। ध्यान देने वाली बात यह है कि देश में कुल LPG खपत में कमर्शियल LPG की हिस्सेदारी 10% से भी कम है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर इसका सीधा प्रभाव सीमित रहता है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं…
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि आम उपयोग के पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर पर स्थिर हैं, जबकि वैश्विक बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में पिछले एक महीने में 100% तक वृद्धि हुई है।
तेल कंपनियां वर्तमान में पेट्रोल पर ₹24.40 प्रति लीटर और डीजल पर ₹104.99 प्रति लीटर का घाटा झेल रही हैं। इसके बावजूद सरकार आम जनता को राहत देने के अपने संकल्प पर कायम है। हाल ही में ₹2 प्रति लीटर की जो बढ़ोतरी की गई है, वह केवल प्रीमियम पेट्रोल पर लागू होती है, जो कुल बिक्री का बहुत छोटा हिस्सा (2%–5%) है और जिसे उपभोक्ता अपनी पसंद से खरीदते हैं. सरकार का यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती कीमतों के बीच आम नागरिकों को राहत देने और घरेलू खर्चों को नियंत्रित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रिपोर्ट: सुरेन्द्र पंडित
नई दिल्ली, (पंजाब केसरी)
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