उच्चतम न्यायालय ने सरकारी जमीन की कथित अवैध खरीद मामले में महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य धनंजय मुंडे के खिलाफ मामला दर्ज करने के बंबई उच्च न्यायालय ने आदेश पर शुक्रवार को रोक लगा दी। न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी एवं न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अवकाश पीठ ने मुंडे की याचिका पर महाराष्ट्र सरकार से जबाव मांगा है।
पीठ ने कहा कि संविधान की धारा 226 के तहत उच्च न्यायालय इस प्रकार के आदेश पारित नहीं कर सकता। पीठ ने कहा, ‘‘उच्च न्यायालय को धारा 226 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कभी-कभार ही करना चाहिए। यह कोई राम बाण नहीं है।’’ गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने राजाभाऊ फाड की ओर से दायर याचिका पर मुंडे के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश मंगलवार को दिया था।
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याचिकाकर्ता का आरोप है कि यह सरकारी जमीन है जो खरीदे जाने के बाद बीड के बेलखंडी मठ को उपहार के तौर पर दे दी गई थी। फाड की याचिका में कहा गया था कि कानून के मुताबिक सरकार की अनुमति के बगैर यह जमीन किसी को हस्तांतरित नहीं की जा सकती।


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