जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए हमले को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा दिए गए बयान पर इमरान खान की पूर्व पत्नी रेहम खान की प्रतिक्रिया सामने आई है। रेहम खान ने कहा है कि इमरान खान पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले को लेकर बयान देने के लिए निर्देशों की प्रतीक्षा कर रहे थे।
रेहम खान ने एक भारतीय टेलीविजन चैनल से कहा, ‘‘वह न सिर्फ विषयों को टाल गये, बल्कि वह इस पर बोलने के लिए निर्देशों की प्रतीक्षा कर रहे थे।’’ उन्होंने कहा कि इमरान खान का मंगवार का बयान बहुत नपा-तुला था। वह वही बोले जो उन्हें बोलने के लिए कहा गया था। उनका बयान बहुत संतुलित और कूटनीति के सभी मानकों के अनुरूप था हालांकि मेरे विचार से उनका बयान बहुत देर से आया।
उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरी निजी राय है लेकिन किसी भी देश में जब इतनी बड़ी घटना हो जाती है, चाहे वह भारत हो या दुनिया का कोई अन्य देश, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को उसकी कड़ी निंदा करनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले और ईरान की घटना (जिसमें 27 ईरानी सुरक्षा गार्ड मारे गए) को लेकर उन्होंने कोई ट्वीट नहीं किया है। इमरान बड़ी सहजता से सर्दियों की बारिश के बारे में ट्वीट कर रहे हैं इसलिए मैं थोड़ हैरान हूं।’’
रेहम खान ने कहा, ‘‘इमरान खान न सिर्फ विषयों से बच रहे थे, बल्कि वह निर्देशों की प्रतीक्षा कर रहे थे।’’ उल्लेखनीय है कि लीबिया में जन्मी ब्रिटिश-पाकिस्तानी पत्रकार एवं लेखक रेहम खान मूल रूप से पश्तून हैं। इमरान खान ने 6 जनवरी 2015 को रेहम खान से अपनी शादी की पुष्टि की थी लेकिन 30 अक्टूबर, 2015 को दोनों का तलाक हो गया।
रेहम खान ने पाकिस्तानी सेना पर इमरान खान को निर्देश देने को लेकर परोक्ष हमला करते हुए कहा, ‘‘आज (19 फरवरी को) निर्देश स्पष्ट थे और मुझे भाषण में कोई गलती नहीं मिली। मुझे लेकिन आज भी लगता है कि इमरान खान को इस घटना की कटु और स्पष्ट निंदा करनी चाहिए थी।’’ इमरान खान का रेडियो प्रसारण पुलवामा में 14 फरवरी को हुए हमले के पांच दिन बाद आया जिसकी भारत के विदेश मंत्रालय ने कठोर आलोचना की है।
भारत ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान के दोहरे मापदंड पर निशाना साधते हुए उसे ‘आतंकवाद का केन्द्र’ करार दिया और कहा कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यदि आतंकवाद के विरुद्ध गंभीर हैं तो उन्हें आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और उसके सरगना मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। पुलवामा हमले के संदर्भ में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के बयान के कुछ ही देर बाद यहां विदेश मंत्रालय की ओर से जारी वक्तव्य में कहा गया है, ‘‘यह सर्वविदित तथ्य है कि जैश-ए-मोहम्मद और उसका नेता मसूद अजहर पाकिस्तान में है।
कार्रवाई करने के लिए यह सबूत पर्याप्त है।’’ इसमें कहा गया है कि आतंकवादी हमले और पाकिस्तान के बीच संबंध नहीं होने की बात ऐसा बहाना है जिसे पाकिस्तान बार-बार दोहराता है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने इस घृणित हमले को अंजाम देने वाले संगठन जैश ए मोहम्मद और उसके आतंकवादियों के दावे को भी नजरंदाज कर दिया है।


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