नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडी गठबंधन की महारैली में विपक्षी दलों के नेताओं ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के साथ-साथ चुनाव आयोग पर भी जमकर निशाना साधा। रैली में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत, कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और सपा सांसद नारायण दास अहिरवार समेत कई नेताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान नेताओं ने लोकतंत्र, मतदाता सूची से नाम काटे जाने और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने खुद स्वीकार किया है कि 1 करोड़ 27 लाख वोट कम हो गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री को इस आंकड़े की याद उस समय क्यों आई, जब वे एमएलसी चुनाव हार गए।
अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा, “जो लोग डबल इंजन की बात करते थे, वे अब डबल जीरो हो गए हैं। इतना ही नहीं, वे अपनी हार भी स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग के साथ मिलकर दूसरी बार वोटों की गिनती करवाई। इस तरह एक ही चुनाव में डबल इंजन की सरकार को दोहरी हार का सामना करना पड़ा।”
उन्होंने कहा कि अब मुख्यमंत्री यह दावा कर रहे हैं कि 1 करोड़ 27 लाख वोट हिंदुओं के नहीं हैं। अखिलेश ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री को यह आंकड़ा कहां से मिला और उन्हें यह जानकारी किसने दी। उन्होंने कहा कि इस तरह का डेटा कोई सामान्य जानकारी नहीं है, जो सड़क पर मिल जाए या कोई राह चलता व्यक्ति दे दे। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि मुख्यमंत्री के पास यह जानकारी कहां से आई।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने इंडी गठबंधन की रैली को सामान्य कार्यक्रम के बजाय मेगा रैली बताया। उन्होंने कहा कि जब जंतर-मंतर पर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को पुलिस ने रोक दिया, तब रामलीला मैदान में रैली करने का फैसला लिया गया। पूरा देश लोकतंत्र को बचाने के लिए रामलीला मैदान में एकजुट होगा।
संजय राउत ने सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र और देश को बचाने के लिए इन सभी ताकतों के खिलाफ लड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दल एकजुट हैं और यह आंदोलन इतनी आसानी से समाप्त नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा, “अगर उन्हें लगता है कि सब कुछ खत्म हो गया है, तो वे गलत हैं। यह आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा, जब तक हम ज्ञानेश कुमार को बाहर नहीं निकाल देते।”
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने रैली को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि हरियाणा से बड़ी संख्या में लोग रामलीला मैदान पहुंच चुके हैं। मैदान का आधा हिस्सा भर चुका है और बड़ी संख्या में हरियाणा के लोग रैली में शामिल हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लोगों में सरकार के खिलाफ नाराजगी है। भाजपा ने जिस तरह लोकतंत्र को अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया है, वह सही नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के साथ मिलकर मतदाता सूची से लोगों के नाम काटे गए हैं। इसी वजह से जनता में गुस्सा है और लोग बड़ी संख्या में रैली में पहुंच रहे हैं।
दीपेंद्र हुड्डा ने यह भी आरोप लगाया कि रैली में आने वाले लोगों को रोकने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है और ट्रैफिक की रफ्तार धीमी करने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में हरियाणा पुलिस से भी बात की गई है। पुलिस से कहा गया है कि जब रैली की अनुमति दी गई है, तो लोगों के आवागमन में बाधा नहीं डाली जानी चाहिए।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि राहुल गांधी के आह्वान पर लाखों लोग रैली में शामिल होने पहुंच रहे हैं। इंडी गठबंधन के सभी प्रमुख नेता भी इसमें शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि यह जनता की आवाज है और लोग चुनाव आयोग के मौजूदा नेतृत्व के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने आए हैं।
बैरिकेडिंग और व्यापारियों को होने वाले नुकसान के सवाल पर उन्होंने कहा कि रैली शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित की जाएगी। लोगों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए गए हैं, लेकिन इससे आंदोलन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि रैली में आने वाले लोग खरीदारी भी करेंगे, इसलिए व्यापारियों को नुकसान होने की आशंका नहीं है।
समाजवादी पार्टी के सांसद नारायण दास अहिरवार ने कहा कि व्यापारी, मध्यम वर्ग, मजदूर और किसान समेत समाज का हर वर्ग परेशान है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ताधारी दल के नेताओं को झूठ बोलने की आदत हो गई है और वे कुछ भी कह सकते हैं।
–आईएएनएस
एसएके/पीएम
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