भारत में प्रति एक लाख की आबादी पर कोरोना के 7.1 मामले है जबकि वैश्विक स्तर पर 60 : स्वास्थ्य मंत्रालय

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भारत में एक लाख की आबादी पर कोरोना वायरस के 7.1 मामले हैं जबकि वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा प्रति एक लाख पर 60 पीड़ितों का है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि देश में कोविड-19 के कारण मरने वालों की संख्या 3029 हो गई है जबकि संक्रमितों की संख्या बढ़कर 96,169 पर पहुंच गई है।

भारत में एक लाख की आबादी पर कोरोना वायरस के 7.1 मामले हैं जबकि वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा प्रति एक लाख पर 60 पीड़ितों का है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी देते हुए कहा कि देश में कोविड-19 के कारण मरने वालों की संख्या 3029 हो गई है जबकि संक्रमितों की संख्या बढ़कर 96,169 पर पहुंच गई है। 
इसने यह भी कहा कि भारत में कोरोना वायरस से ठीक होने वालों की दर 38.39 फीसदी है। डब्लूएचओ के आंकड़े का जिक्र करते हुए मंत्रालय ने कहा कि सोमवार तक दुनिया में कोविड-19 मरीजों की संख्या 45 लाख 25 हजार 497 थी। इसके अनुसार प्रति एक लाख की आबादी पर करीब 60 लोग संक्रमित हैं। 
इसने कहा कि कोरोना वायरस के सर्वाधिक मामलों की संख्या वाले देशों में अमेरिका में अभी तक 14 लाख नौ हजार 452 मामले सामने आए हैं । यहां एक लाख की आबादी पर करीब 431 संक्रमित हैं। रूस में दो लाख 81 हजार 752 मामले हैं और प्रति लाख आबादी पर यह आंकड़ा 195 मामले होता है। 
इसने कहा कि ब्रिटेन में प्रति लाख आबादी पर 361 मामले, स्पेन में प्रति लाख आबादी पर 494 मामले, इटली में प्रति लाख आबादी पर 372 मामले और ब्राजील में प्रति लाख आबादी पर 104 मामले सामने आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘अभी तक आक्रामक एवं त्वरित कदम उठाए जाने के कारण उत्साहजनक परिणाम दिखे हैं।’’ 
भारत में सोमवार की रात आठ बजे तक 24 घंटों के दौरान 157 लोगों की मौत हुई और 5242 मामले सामने आए। मंत्रालय ने कहा कि वर्तमान में हमारे यहां ठीक होने की दर 38.29 फीसदी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने सोमवार को कहा कि भारत ने कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए समय से जरूरी कदम उठाये और देश ने इस बीमारी से निपटने के लिए अबतक अच्छा प्रयास किया है एवं उसे आने वाले महीनों में और अच्छा करने का विश्वास है। 
हर्षवर्धन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से 73 वीं विश्व स्वास्थ्य सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नजर रखी तथा समय से पहले सक्रिय एवं चरणबद्ध कदम उठाए, उन्होंने इस घातक वायरस को फैलने से रोकने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। 
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत ने प्रवेश मार्गों पर निगरानी, विदेशों में फंसे नागिरकों को वापस लाने, रोग निगरानी नेटवर्क के द्वारा व्यापक सामुदायिक निगरानी, स्वास्थ्य बुनियादी ढांचों को मजबूत करने, 20 लाख से अधिक अग्रिम मानव संसाधन की क्षमता बनाने और सामुदायिक संलिप्तता समेत समय से सभी जरूरी कदम उठाये।’’ 
उन्होंने कहा, ‘‘ मैं सोचता हूं कि हमने यथासंभव प्रयास किये और अच्छा काम किया। हम सीख रहे हैं और हमें आने वाले समय में अच्छा करने का विश्वास है। 
मंत्री दुनियाभर में कोविड-19 के योद्धाओं के प्रयास के सम्मान में अपने भाषण के आखिर में खड़े हो गये। उनकी टिप्पणी ऐसे समय में आयी है जब भारत सोमवार को कोरोना वायरस संकट के प्रति वैश्विक जवाबी कार्रवाई के निष्पक्ष एवं समग्र मूल्यांकन तथा इस घातक संक्रमण की उत्पत्ति की जांच पर बल देने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अहम सम्मेलन में करीब 120 देशों के साथ जुड़ा। 
डब्ल्यूएचओ की दो दिवसीय 73 वीं विश्व स्वास्थ्य सभा इस मांग के बीच शुरू हुई कि चीन के वुहान शहर में यह वायरस कैसे सामने आया और चीन ने क्या कार्रवाई की । ऐसी मांग करने वालों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी हैं।

Ujjwal Jain