इसरो ने सीई20 क्रायोजेनिक इंजन का 22 टन थ्रस्ट पर किया सफल हॉट टेस्ट

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नेल्लई, 14 मार्च (आईएएनएस)। तमिलनाडु के नेल्लई जिले के महेंद्रगिरि में स्थित इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में 22 टन के थ्रस्ट वाले सीई20 क्रायोजेनिक इंजन का समुद्र-स्तर पर हॉट टेस्ट सफलतापूर्वक किया गया। इससे पहले, नोजल प्रोटेक्शन सिस्टम का इस्तेमाल करके समुद्र-स्तर पर किए जाने वाले टेस्ट 19 टन थ्रस्ट स्तर पर किए जा रहे थे। सीई20 क्रायोजेनिक इंजन एलवीएम3 लॉन्च व्हीकल के ऊपरी क्रायोजेनिक चरण को शक्ति देता है। एलवीएम3 व्हीकल की पेलोड क्षमता को बढ़ाने के लिए, एलवीएम3 के भविष्य के मिशनों को एक उन्नत सी32 चरण के साथ संचालित करने की योजना है, जिसमें सीई20 इंजन के लिए…

नेल्लई, 14 मार्च (आईएएनएस)। तमिलनाडु के नेल्लई जिले के महेंद्रगिरि में स्थित इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में 22 टन के थ्रस्ट वाले सीई20 क्रायोजेनिक इंजन का समुद्र-स्तर पर हॉट टेस्ट सफलतापूर्वक किया गया। इससे पहले, नोजल प्रोटेक्शन सिस्टम का इस्तेमाल करके समुद्र-स्तर पर किए जाने वाले टेस्ट 19 टन थ्रस्ट स्तर पर किए जा रहे थे।

सीई20 क्रायोजेनिक इंजन एलवीएम3 लॉन्च व्हीकल के ऊपरी क्रायोजेनिक चरण को शक्ति देता है। एलवीएम3 व्हीकल की पेलोड क्षमता को बढ़ाने के लिए, एलवीएम3 के भविष्य के मिशनों को एक उन्नत सी32 चरण के साथ संचालित करने की योजना है, जिसमें सीई20 इंजन के लिए 22 टन का थ्रस्ट होगा।

इसे देखते हुए, सीई20 इंजन का फ्लाइट एक्सेप्टेंस टेस्ट भी 22 टन थ्रस्ट स्तर पर किया जाना जरूरी है। इसी कारण, इस मौजूदा टेस्ट ने नोजल प्रोटेक्शन सिस्टम (एनपीएस) का इस्तेमाल करके, 22 टन थ्रस्ट स्तर पर 165 सेकंड की अवधि के साथ इंजन के समुद्र-स्तर टेस्ट को सफलतापूर्वक पूरा किया। पूरे टेस्ट के दौरान, इंजन और टेस्ट सुविधा दोनों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक रहा।

समुद्र-स्तर पर सीई20 इंजन का टेस्ट करना काफी चुनौतीपूर्ण होता है, जिसका मुख्य कारण इसका उच्च एरिया रेशियो वाला नोजल है, जिसका निकास दबाव लगभग 50 एमबार होता है। समुद्र-स्तर पर टेस्ट के दौरान मुख्य चिंता नोजल के अंदर फ्लो सेपरेशन की होती है, जिससे फ्लो सेपरेशन तल पर गंभीर कंपन और थर्मल समस्याएं पैदा होती हैं, और नोजल को यांत्रिक क्षति पहुंचने की संभावना रहती है।

इस परीक्षण के लिए इस्तेमाल किए गए क्रायोजेनिक इंजन ने रिकॉर्ड संख्या में (20 बार) सफलतापूर्वक हॉट टेस्ट पूरे किए हैं। इसकी मदद से एक ही इंजन का उपयोग करके कई अहम तकनीकों का प्रदर्शन संभव हो पाया है। इनमें मल्टी-एलिमेंट इग्नाइटर का उपयोग करके इंजन को प्रज्वलित करना, प्रोपेलेंट टैंक के दबाव और प्री-इग्निशन चैंबर के दबाव की विस्तृत श्रृंखला पर गगनयान के लिए इग्निशन मार्जिन का प्रदर्शन, 20 टन थ्रस्ट स्तर पर गगनयान के लिए इंजन का प्रमाणीकरण, 22 टन थ्रस्ट स्तर पर इंजन के संचालन का प्रदर्शन और प्रमाणीकरण, उड़ान के दौरान इंजन को दोबारा चालू करने में सक्षम बनाने के लिए, बिना किसी स्टार्ट-अप प्रणाली के सीई20 इंजन को ‘बूट-स्ट्रैप मोड’ में चालू करना, स्वदेशी टर्बोपंप बेयरिंग का प्रमाणीकरण, स्वदेशी सेंसर का प्रमाणीकरण और समुद्र तल पर उच्च क्षेत्र अनुपात वाले नोजल के हॉट टेस्ट के लिए ‘नोजल सुरक्षा प्रणाली’ का प्रमाणीकरण शामिल है।

–आईएएनएस

पीआईएम/एबीएम

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