13 साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद 3 बच्चों की हत्या, 6 साल बाद मिला इंसाफ; कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा; पूरी कहानी से हिल जाएगा दिमाग

Summary :

Jalgaon Rape And Murder Case: महाराष्ट्र के चर्चित (भुसावल सत्र न्यायालय) ने एक छह साल पुराने मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। जलगांव बलात्कार और हत्या का मामला (Jalgaon Rape And Murder Case) में Bhusawal Court ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी महेंद्र बरेला को दोहरी मौत की सज़ा (Double Death Penalty) की सजा सुनाई है। यह मामला साल 2020 में रावेर तालुका के बोरखेड़ा गांव में 4 नाबालिग बच्चों की मौत और 1 नाबालिग के साथ गंभीर अपराध से संबंधित था। Bhusawal High Court Decision को मामले में न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम बताया जा…

Jalgaon Rape And Murder Case: महाराष्ट्र के चर्चित (भुसावल सत्र न्यायालय) ने एक छह साल पुराने मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। जलगांव बलात्कार और हत्या का मामला (Jalgaon Rape And Murder Case) में Bhusawal Court ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी महेंद्र बरेला को दोहरी मौत की सज़ा (Double Death Penalty) की सजा सुनाई है। यह मामला साल 2020 में रावेर तालुका के बोरखेड़ा गांव में 4 नाबालिग बच्चों की मौत और 1 नाबालिग के साथ गंभीर अपराध से संबंधित था। Bhusawal High Court Decision को मामले में न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम बताया जा रहा है। कोर्ट ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोका है।

साल 2020 की घटना में 4 बच्चों की मौत के बाद बवाल

Jalgaon Rape And Murder Case (credit-sm)

अभियोजन पक्ष के मुताबिक़, 15 अक्टूबर 2020 को आरोपी पीड़ित परिवार के घर गया था। उस दौरान घर पर सिर्फ बच्चे मौजूद थे। जांच के दौरान सामने आए सबूतों को देखते हुए पुलिस ने आरोपी को अरेस्ट किया और उसके खिलाफ केस दर्ज किया। इस वारदात में 4 नाबालिग बच्चों की मौत हुई थी, जिसके बाद यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। Jalgaon Four Minor Murder Case की जांच के दौरान कई अहम सबूत जुटाए गए थे।

Special Public Prosecutor Ujjwal Nikam ने रखा पक्ष

इस मामले में राज्य सरकार की ओर से स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर उज्ज्वल निकम पेश हुए। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान गवाहों से पूछताछ और उनके बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ एक मजबूत मामला तैयार किया गया था। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया और सजा सुनाई। अदालत द्वारा मौत की सजा सुनाए जाने वाले इस फैसले को मामले (Bhusawal High Court give death penalty) में एक अहम पड़ाव के तौर पर देखा जा रहा है।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।