टीएमसी में जाना एक गैर राजनीतिक फैसला था: अभिजीत मुखर्जी

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अभिजीत मुखर्जी ने टीएमसी में जाना बताया गैर-राजनीतिक फैसला

कोलकाता, 12 फरवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने 2026 के विधानसभा चुनाव में अकेले उतरने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी इस रणनीति पर काम कर रही है, लेकिन इसी बीच टीएमसी को एक बड़ा झटका लगा है। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पुत्र अभिजीत मुखर्जी ने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। इसके बाद उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि तृणमूल में जाना उनके लिए एक गैर-राजनीतिक फैसला था और कांग्रेस छोड़कर उन्होंने गलती की थी। उन्होंने स्वीकार किया कि उनका निर्णय सही नहीं था और अब वह फिर से कांग्रेस के साथ काम करने के लिए तैयार हैं।

कोलकाता स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में अभिजीत मुखर्जी ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी का झंडा थामा। अभिजीत ने कहा कि उन्होंने खुद कांग्रेस में वापस आने की इच्छा जताई थी और इसके लिए उन्होंने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी मुलाकात की थी।काफी समय से यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि प्रणब मुखर्जी के पुत्र फिर से कांग्रेस में वापसी कर सकते हैं। अब उनकी घर वापसी की अटकलें सही साबित हुईं। कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि वह पार्टी के सिद्धांतों और आदर्शों के अनुरूप काम करेंगे।अभिजीत मुखर्जी इससे पहले 2012 और 2014 में जंगीपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद रह चुके हैं। हालांकि, 2021 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया था। अब एक बार फिर उन्होंने कांग्रेस में वापसी कर ली है, जिससे पार्टी को पश्चिम बंगाल में मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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