कांकेर आईईडी ब्लास्ट : डीआरजी के 3 जवान शहीद, 1 गंभीर रूप से घायल

Summary :

कांकेर, 2 मई (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां आईईडी विस्फोट में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के तीन जवान शहीद हो गए और एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना कांकेर और नारायणपुर जिले की सीमा के पास उस समय हुई, जब सुरक्षाबलों की टीम डी-माइनिंग, एरिया डॉमिनेशन और सर्च ऑपरेशन के लिए निकली थी। पुलिस के अनुसार, टीम इलाके में पहले से बिछाए गए आईईडी को खोजकर निष्क्रिय करने का काम कर रही थी। इसी दौरान अचानक एक आईईडी विस्फोट की चपेट में चार जवान आ गए। इस…

कांकेर, 2 मई (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां आईईडी विस्फोट में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के तीन जवान शहीद हो गए और एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया।

यह घटना कांकेर और नारायणपुर जिले की सीमा के पास उस समय हुई, जब सुरक्षाबलों की टीम डी-माइनिंग, एरिया डॉमिनेशन और सर्च ऑपरेशन के लिए निकली थी।

पुलिस के अनुसार, टीम इलाके में पहले से बिछाए गए आईईडी को खोजकर निष्क्रिय करने का काम कर रही थी। इसी दौरान अचानक एक आईईडी विस्फोट की चपेट में चार जवान आ गए।

इस हादसे में इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा और कॉन्स्टेबल संजय गढपाले को गंभीर चोटें आई और वे घटनास्थल पर ही शहीद हो गए। वहीं, एक अन्य घायल जवान कॉन्स्टेबल परमानंद कोमरा को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में आत्मसमर्पण कर चुके माओवादी कैडरों से मिली जानकारी और अन्य खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षा बलों ने बस्तर क्षेत्र में बड़ी संख्या में आईईडी बरामद कर उन्हें निष्क्रिय किया है। माओवादियों द्वारा पहले से छिपाकर रखे गए सैकड़ों आईईडी अब भी इलाके में मौजूद हैं, जिन्हें लगातार खोजकर निष्क्रिय करने का अभियान चलाया जा रहा है।

हालांकि, शनिवार की इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में जब पुलिस टीम एक आईईडी को निष्क्रिय कर रही थी, तभी वह अचानक फट गया, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है और घटना से जुड़ी अन्य जानकारी जुटाई जा रही है।

31 मार्च को छत्तीसगढ़ को आधिकारिक तौर पर नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया गया था। इसके बाद यह पहली बार है जब नक्सल गतिविधियों से जुड़ा कोई बड़ा विस्फोट सामने आया है।

बस्तर क्षेत्र के घने जंगलों में माओवादियों द्वारा पहले बिछाई गई बारूदी सुरंगें अब भी सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों के लिए बड़ा खतरा बनी हुई हैं। इन सुरंगों को हटाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन जोखिम अब भी बना हुआ है।

–आईएएनएस

वीकेयू/एएस

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.