लखनऊ, 5 अगस्त (आईएएनएस)। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने के मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने निर्माण कंपनी, स्वतंत्र अभियंता और परियोजना से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
एनएचएआई ने रियायतग्राही पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड को ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही परियोजना की निगरानी में लापरवाही बरतने वाले कई अधिकारियों को हटाने और भविष्य की परियोजनाओं से प्रतिबंधित करने का फैसला किया गया है।
एनएचएआई के अनुसार, पीएनसी इंफ्राटेक को भविष्य की एनएचएआई परियोजनाओं की निविदाओं में अयोग्य घोषित किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उसके खिलाफ अनुबंध की शर्तों के तहत आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्राधिकरण ने निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, स्वतंत्र अभियंता के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार तथा रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को परियोजना से तत्काल हटा दिया है। तीनों अधिकारियों को दो वर्ष के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच), एनएचएआई तथा एनएचआईडीसीएल की किसी भी परियोजना में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके अलावा वर्तमान परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया है।
वहीं, पूर्व परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया और वर्तमान परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा के खिलाफ अपने दायित्वों के निर्वहन में कथित लापरवाही के आरोप में आरोप-पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। एनएचएआई ने परियोजना के स्वतंत्र अभियंता थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी डिबारमेंट नोटिस जारी किया है।
प्राधिकरण का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में गुणवत्ता, जवाबदेही और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
–आईएएनएस
विकेटी/डीकेपी
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