पीरियड्स पर करीना का खुलासा: समस्या नहीं, जागरूकता की कमी

Summary :

करीना कपूर ने पीरियड्स पर जागरूकता की कमी को बताया असली समस्या

अभिनेत्री करीना कपूर ने ‘मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे’ पर पीरियड्स को जागरूकता की कमी बताया। उन्होंने गुजरात के स्कूलों में मासिक धर्म कॉर्नर की पहल की तारीफ की। यह पहल 1,03,000 लड़कियों और 88,000 लड़कों तक पहुंचकर पुरानी धारणाओं को तोड़ रही है और आत्मविश्वास बढ़ा रही है।

‘मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे’ पर अभिनेत्री करीना कपूर ने पीरियड्स पर खुलकर बात की। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए पोस्ट के जरिए अभिनेत्री ने बताया कि वास्तव में पीरियड्स कोई समस्या नहीं, बल्कि यह जागरूकता की कमी है। इंस्टाग्राम पर तस्वीरों को शेयर करते हुए अभिनेत्री ने गुजरात के स्कूलों की तारीफ करते हुए लिखा, “गुजरात के स्कूलों में अब मासिक धर्म कॉर्नर बनाए गए हैं, जो सुरक्षित और स्वागत योग्य पहल हैं, जहां छात्र कार्ड गेम, रोल-प्ले एप्रन, इंटरैक्टिव मॉडल और किताबों के माध्यम से पीरियड्स के बारे में जानते और सीखते हैं।”

करीना ने आगे लिखा, “यूनीसेफ इंडिया के साथ मिलकर सरकार ने स्कूलों में गेम-चेंजिंग पहल को जगह दी, जो पुरानी धारणाओं को तोड़ रही है और मासिक धर्म के बारे में बातचीत को सामान्य बनाने में मदद कर रही है। 1,03,000 से अधिक लड़कियों और 88,000 लड़कों तक पहुंच के साथ यह न केवल जागरूकता बढ़ा रहा है, बल्कि आत्मविश्वास और सम्मान का भी निर्माण कर रहा है। लड़कियों को स्कूल में बने रहने और अपने सपनों को पूरा करने में मदद कर रहा है।”

करीना ने पोस्ट में आगे लिखा, “पीरियड्स फ्रेंडली वर्ल्ड, आइए हर छात्र के लिए खुली बातचीत और सुरक्षित वातावरण का समर्थन करते रहें। मासिक धर्म मायने रखता है।” करीना कपूर से पहले अभिनेत्री संदीपा धर ने बताया कि हर छोटा कदम मायने रखता है। ऐसे में मासिक धर्म को लेकर हमें खुलकर बात करनी चाहिए।

क्या है डिसलिपिडेमिया? जिससे सरकारी की तुलना में प्राइवेट स्कूल के बच्चे अधिक प्रभावित

इससे पहले पीरियड्स हाइजीन को लेकर निमरत कौर ने बताया था कि मासिक धर्म किसी भी महिला के स्वास्थ्य का एक आवश्यक, प्राकृतिक और महत्वपूर्ण हिस्सा है। फिर भी यह चुप्पी में लिपटा हुआ है। लोग इस बारे में बात नहीं करते, लड़कियां संकोच महसूस करती हैं, खासकर पिछड़े क्षेत्रों में।

मासिक धर्म से संबंधित चीजों को इन जगहों पर बांटने से लाभ मिलेगा। मुझे उम्मीद है कि यह प्रयास न केवल जीवन की बुनियादी चीजों की कमी को पूरी करता है, बल्कि पीरियड्स के बारे में बातचीत को सामान्य बनाना भी सुनिश्चित करता है।

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.