अधिकारियों ने सांप्रदायिक झड़पों की घटनाओं, गाय परिवहन के संबंध में हमले के मामलों, नैतिक पुलिसिंग और अन्य मामलों में कथित संलिप्तता के लिए दक्षिण कन्नड़ जिले के पांच बजरंग दल कार्यकर्ताओं को निर्वासन नोटिस जारी किया है।
नोटिस कर्नाटक पुलिस अधिनियम, 1953 की धारा 55 के तहत जारी
पुलिस ने गुरुवार को बताया कि नोटिस में उनसे पूछा गया है कि उन्हें दूसरे जिलों में क्यों नहीं भेजा जाए। सूत्रों ने बताया कि दिनेश, प्रज्वल, लतेश गुंड्या, निशांत और प्रदीप को नोटिस जारी किया गया है। लतेश गुंड्या पुत्तूर जिले के बजरंग दल के सह संयोजक हैं।प्रज्वल और दिनेश के पास बजरंग दल में तालुक स्तर की जिम्मेदारियां हैं और अन्य दो दक्षिणपंथी संगठन के स्वयंसेवक हैं। नोटिस में सवाल किया गया है कि उन्हें बाहर क्यों नहीं किया जाना चाहिए और उन्हें 22 नवंबर को पुत्तूर में सहायक आयुक्त के सामने उपस्थित होने के लिए कहा गया है। नोटिस कर्नाटक पुलिस अधिनियम, 1953 की धारा 55 के तहत जारी किया गया है। सूत्रों ने कहा कि एक बार जब वे प्राधिकरण के सामने पेश होंगे, तो उन पर एक साल के लिए निष्कासन आदेश लागू किया जाएगा। जुलाई में, बजरंग दल के तीन कार्यकर्ताओं को मंगलुरु शहर से बाहर कर दिया गया था। हालांकि, संगठन ने सरकार पर सवाल उठाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था और स्थगन आदेश प्राप्त किया था।


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